वाराणसी
गणेशपुर में मुस्लिम महिला गंगा जमुनी तहजीब मिशाल की पेश, शिव के मंदिर के बाद भजन कीर्तन के लिए बनाया सभागार
Varanasi: काशी धर्म एवं आध्यत्म की नगरी के साथ ही गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल हैं। इसी के तहत नूर फातिमा जो पेशे से अधिवक्ता है इसकी मिशाल है। नूर फातिमा का मानना है कि वह भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर कहीं जाती हैं तो उनका काम शुभ हो जाता है इसी के तहत उन्होंने 2004 में बाबा विश्वनाथ का मंदिर बनवाया इस मंदिर में कॉलोनी के आसपास के भी लोग दर्शन पूजन करने के लिए आते हैं, मंदिर छोटा होने के कारण लोगों का उसमें भजन कीर्तन करने में प्रॉब्लम हो रही थी। इसको देखते हुए नूर फातिमा ने मंदिर के सामने एक बड़ा सा हाल निर्मित कराया । जिसका आज उद्घाटन मंत्री रविंद्र नाथ जायसवाल ने किया। नूर फातिमा ने आगे बताया कि इस हाल का उद्देश्य है कि यहां पर लोग बैठकर भगवान नीलकंड की आराधना कर सके। नूर फातिमा के इस कार्य को देखते हुए लोग काशी की गंगा जमुनी तहजीब की एक बार फिर मिसाल मानने लगे हैं।
