वाराणसी
डर्बीशायर क्लब द्वारा फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की बरसी मनाई गई
रिपोर्ट : प्रदीप कुमार
वाराणसी. डर्बीशायर क्लब वाराणसी के तत्वावधान में गुरूवार को पूर्वान्ह 11.30 बजे पितरकुण्डा त्रिमुहानीके पास अभिनय सम्राट दिलीप कुमार साहब की पहली बरसी के मौके पर दिलीप साहब के चित्र पर माला-फूल अर्पित किया तथा दो मिनट मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दिया। इस मौके पर श्रीशकील ने कहा कि दिलीप साहब का जन्म 11 दिसम्बर 1922 को पेशावर में हुआ था। दिलीप साहब के 12 भाई व बहनें थी। उनके पिता लाला गुलाम सरवर पेशावर में फल बेचते थे । बंटवारे के बाद अपने परिवार के साथ भारत आ गये। दिलीप साहब ज्वारभाटा व मधुमती के बाद यूसुफ खान से दिलीप कुमार बन गये। आज भी लोग मुगलेआजम में दिलीप साहब के बेजोड़ अभिनय को नहीं भूल पाये उसके बाद तो उन्हें बालीवुड का अभिनय सम्राट कहा जाने लगा। दिलीप साहब ने लगभग 66 फिल्मों में बेजोड़ अभिनय किया जिसमें उनकी यादगार फिल्में पैगाम, नया दौर, राम और श्याम, गंगा जमुना, आदमी, गोपी, बैराग, क्रांति, विधाता, शक्ति, ईमानदार, सौदागर, कर्मा जैसी फिल्म ने तो दिलीप साहब को एक्टिंग का इंस्टिट्यूट बना दिया। जाने कितने एवार्ड उनकी झोली में आये अमिताभ बच्चन, शाहरूख खान जैसे न जाने कितने कलाकार दिलीप साहब को आदर्श मानकर फिल्म में आये और सफल हुए। दिलीप साहब को उनके अंतिम समय में भारत सरकार ने उन्हें पद्मविभूषण से विभूषित किया था । कार्यक्रम में मुख्य रूप से हैदर मौलाई, हाजी असलम, आफाक हैदर, राजू खां, प्रमोद वर्मा मस्सन खां, विक्की यादव, हाजी रुस्तम, चिंतित बनारसी, जावेद अहमद थे |
