बलिया
नामित पांच सभासदों की उपेक्षा पर उठे सवाल, नगर पालिका प्रशासन पर आरोप
बैठक में उठा मुद्दा, शासन के निर्देशों के अनुपालन में देरी का भी आरोप
बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया में शासन द्वारा नामित पांच सभासदों की कथित उपेक्षा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को नगर पालिका परिषद के सभासदों की एक आवश्यक बैठक चेयरमैन संत लाल उर्फ मिठाई लाल के चंद्रशेखर नगर स्थित आवास पर हुई। बैठक में नामित सभासदों को उचित सम्मान, बैठकों में भागीदारी और सुझाव देने का अवसर नहीं मिलने को लेकर चर्चा हुई।
शासन द्वारा नामित सदस्यों में रीता पांडेय, सुमन सिंह, एचएन सिंह, अजीत वर्मा और रवि सोनी शामिल हैं। आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन और चेयरमैन की ओर से इन सदस्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है। इससे नामित सभासदों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं देनी है और उनकी भूमिका का उपयोग नहीं करना है, तो शासन द्वारा उन्हें नामित करने का औचित्य क्या है?
बैठक में यह आरोप भी लगाया गया कि मुख्यमंत्री दरबार में पारित आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद की ओर से अनावश्यक देरी की जा रही है। साथ ही, तत्कालीन जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की बात भी कही गई। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
नामित सभासदों की उपेक्षा के मामले में प्रभारी अधिशासी अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि समस्याओं के बावजूद उनकी ओर से कोई प्रभावी पहल नहीं की जा रही है। सभासदों का कहना है कि नामित सदस्यों को भी अन्य सभासदों की तरह उचित सम्मान, बैठकों में भागीदारी और जनहित से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
