गोरखपुर
रातभर कतार में खड़े रहे लोग, दिन चढ़ते ही खत्म हुआ गैस का स्टॉक
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खजनी की मां दुर्गा भारत गैस एजेंसी में आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?
गोरखपुर। दक्षिणांचल के खजनी तहसील क्षेत्र स्थित पलहयीपार की मां दुर्गा भारत गैस एजेंसी एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी पर गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है। हालात इतने बदतर हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग रात 12 बजे से ही लाइन लगाकर अपने नंबर का इंतजार करते हैं, लेकिन दिन चढ़ते-चढ़ते भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाता।
सूत्रों और उपभोक्ताओं के अनुसार खबर लिखे जाने तक लगभग 300 सिलेंडरों का वितरण किया जा चुका था, लेकिन पूरे वितरण प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर रही। आरोप है कि कैमरों और नियमों का हवाला देकर आम जनता को घंटों लाइन में खड़ा रखा जाता है, जबकि अंदरखाने मनमाने तरीके से कुछ खास लोगों को प्राथमिकता देकर सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाते हैं।

इससे गरीब, मजदूर और दूर-दराज गांवों से आए उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।महिलाएं, बुजुर्ग और किसान रात भर खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग भूखे-प्यासे अपने नंबर की प्रतीक्षा करते दिखाई देते हैं, लेकिन एजेंसी कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना “सेटिंग” और “चढ़ावे” के समय पर सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि क्षेत्र में यह चर्चा आम हो चुकी है कि “घुसखोरों की चांदी और आम जनता की बर्बादी” यहां रोज की कहानी बन गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग, पूर्ति निरीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी मौन क्यों हैं? क्या गरीब जनता की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं बचा? क्या सरकारी योजनाओं का लाभ अब केवल रसूखदारों और दलालों तक सीमित होकर रह गया है?
क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि मां दुर्गा भारत गैस एजेंसी पलहयीपार की निष्पक्ष जांच कराई जाए, वितरण व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई जाए तथा दोषी कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए। जनता का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
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