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वाराणसी

केवीके कल्लीपुर में आम की बैगिंग तकनीक पर किसानों को मिला टिप्स

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वाराणसी। मिर्जामुराद क्षेत्र स्थिति कृषि विज्ञान केंद्र वाराणसी द्वारा किसानों को आम की फसल में आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई है। आम के फलों में बैगिंग तकनीक अपनाकर किसान फल की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं तथा कीट एवं रोगों से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि बैगिंग का अर्थ है विकसित हो रहे फलों को विशेष कागज़ या कपड़े के बैग से ढक देना। यह कार्य फल मटर के आकार से थोड़ा बड़ा होने पर किया जाता है। इससे फल मक्खी, फलों में दाग-धब्बे, धूप की झुलसा तथा कीटनाशक अवशेषों की समस्या कम होती है।

बैगिंग करने से आम के फलों का रंग आकर्षक बनता है, छिलका साफ रहता है तथा बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है। विशेष रूप से दशहरी, लंगड़ा, चौसा एवं अम्रपाली, अरुनिका एवं अम्बिका जैसी किस्मों में यह तकनीक लाभकारी पाई गई है।

इस अवसर पर डॉ मनीष कुमार पाण्डेय, श्रीप्रकाश सिंह, डॉ राहुल कुमार सिंह, प्रतीक्षा सिंह एवं पूजा सिंह ने अपने हाथों से आम के फलों में बैगिंग कर किसानों को तकनीक का प्रदर्शन किया। वैज्ञानिकों ने किसानों को बैगिंग की सही विधि, समय तथा सावधानियों की जानकारी भी दी।

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कृषि विज्ञान केंद्र वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह ने कहा कि यह तकनीक कम लागत में अधिक लाभ देने वाली है और निर्यात गुणवत्ता के फल उत्पादन में सहायक सिद्ध हो सकती है। किसानों से अपील की गई है कि वे इस तकनीक को अपनाकर आम उत्पादन से अधिक आय प्राप्त करें।

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