वाराणसी
वेतन कटौती और ठेकेदारों पर शोषण के आरोप पर श्रमिकों ने काटा हंगामा
वाराणसी। जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के करखिंयाव स्थित अमूल बनास डेयरी प्लांट में शनिवार को सैकड़ों महिला और पुरुष श्रमिकों ने वेतन में कटौती और ठेकेदारों पर शोषण के आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कंपनी गेट पर चक्का जाम कर दिया, जिससे दूध के परिवहन में लगी कई गाड़ियां घंटों तक सड़क पर खड़ी रहीं।
सुबह लगभग आठ बजे श्रमिक काम पर जाने के बजाय प्लांट के मुख्य द्वार पर एकत्र हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने पर औद्योगिक चौकी प्रभारी अमित कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे, जहां उनकी मजदूरों से तीखी बहस हुई और उन्हें पीछे हटना पड़ा।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंस्पेक्टर फूलपुर अतुल कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। हालात बिगड़ते देख उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद एडीसीपी गोमती जोन नृपेन्द्र मौके पर पहुंचे।
एडीसीपी ने मजदूरों से वार्ता कर उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद मजदूरों ने दूध से भरी गाड़ियों को प्लांट के भीतर जाने की अनुमति दे दी।

धरनास्थल पर मौजूद श्रमिकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार मनमाने तरीके से वेतन दे रहे हैं, भुगतान समय पर नहीं किया जाता और उनका लगातार शोषण हो रहा है। साथ ही उन्होंने श्रम विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी कभी भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर नहीं आते।
वहीं, कंपनी के स्थानीय अधिकारी अमरमणि त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि प्लांट में श्रमिकों की भर्ती ठेका व्यवस्था के तहत होती है और वेतन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है।
फिलहाल, पुलिस की निगरानी में कंपनी प्रबंधन, ठेकेदारों और मजदूरों के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, दोपहर तक मजदूर अपनी मांगों पर अडिग बने हुए थे।
