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वाराणसी

शिक्षा अब प्रमाणपत्र नहीं, राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार : सीएम योगी

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को काशी में आयोजित ‘स्कूल चलो अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आए व्यापक परिवर्तन को रेखांकित किया। शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले परिषदीय विद्यालय जर्जर स्थिति में थे, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव था और विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि भी कम थी। कई विद्यालय बंद होने की स्थिति में पहुंच गए थे तथा नामांकन लगातार घट रहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत से स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक समय जिस विद्यालय में 10 से भी कम छात्र रह गए थे, वहीं आज 250 से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने का माध्यम न बताते हुए इसे संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बताया।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रदेश के 1.36 लाख विद्यालयों का जीर्णोद्धार किया गया है और 6 लाख से अधिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। अब विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड तथा स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नीति आयोग ने भी उत्तर प्रदेश के इस प्रयास को देश की सफलतम शिक्षा पहलों में शामिल किया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि निपुण भारत अभियान के माध्यम से बच्चों में बुनियादी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है, जबकि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बाल वाटिका की व्यवस्था की जा रही है। अब तक 60 लाख से अधिक नए बच्चों का नामांकन हुआ है और ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रत्येक छात्र को यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, बैग और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए डीबीटी के माध्यम से सीधे अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। पहले जहां 800 रुपये दिए जाते थे, वहीं अब 1200 रुपये प्रति छात्र प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे विद्यालयों में उनकी उपस्थिति बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 12 तक विस्तारित करने, प्रत्येक जनपद में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित करने तथा श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा पर प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार करोड़ रुपये व्यय कर रही है।

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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों से घर-घर जाकर बच्चों को विद्यालय से जोड़ने और ‘स्कूल चलो अभियान’ को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद किया, उन्हें प्रेरित किया और मिड डे मील का वितरण भी किया। साथ ही विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर शिक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और उपलब्धियों की सराहना की।

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