वाराणसी
IPL सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी। कमिश्नरेट पुलिस की एसओजी-2 टीम ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान चल रही सट्टेबाजी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसे इस सीजन में वाराणसी की पहली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कैंट थाना क्षेत्र के टैगोर टाउन कॉलोनी में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे थे। यह अवैध गतिविधि एक वेबसाइट के माध्यम से संचालित की जा रही थी। कार्रवाई का नेतृत्व कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र ने किया, जबकि एसओजी-2 प्रभारी अभिषेक पांडेय और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस को मुखबिर से लगातार सूचना मिल रही थी कि टैगोर टाउन इलाके में एक संगठित गिरोह आईपीएल मैचों के दौरान बड़े स्तर पर सट्टेबाजी करा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रणनीति बनाई और उचित समय पर दबिश देकर आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के समय आरोपी लाइव मैच के दौरान ही ग्राहकों से दांव लगवा रहे थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी पारंपरिक एप की जगह ‘UP365’ नामक वेबसाइट के जरिए सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे। यह प्लेटफॉर्म दांव लगाने, लेन-देन करने और पूरी प्रक्रिया को गोपनीय बनाए रखने में सहायक था। तकनीक के इस उपयोग ने पुलिस के लिए गिरोह तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी काफी सतर्क थे और हर मैच के बाद अपने ब्राउज़र की हिस्ट्री व कैश को तुरंत हटा देते थे, ताकि कोई डिजिटल साक्ष्य न मिल सके। इसके बावजूद पुलिस ने सटीक सूचना और रणनीति के आधार पर गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की।
छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और सट्टेबाजी से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित बड़े गिरोह का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल वाराणसी तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य जिलों में भी इसका नेटवर्क फैला हो सकता है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आईपीएल सीजन के दौरान सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
