Connect with us

वाराणसी

बरेका ने 572 रेल इंजनों के साथ बनाया सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन का रिकॉर्ड

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 रेल इंजनों का निर्माण कर अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज करते हुए नया इतिहास रच दिया है। महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में हासिल यह उपलब्धि भारतीय रेल के औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। यह बरेका की तकनीकी दक्षता, सुदृढ़ प्रबंधन और अधिकारियों व कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां 477 रेल इंजनों का निर्माण हुआ था, वहीं इस वर्ष उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि न केवल बरेका बल्कि पूरे भारतीय रेल परिवार के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्मित कुल 572 लोकोमोटिव में 558 आधुनिक विद्युत लोकोमोटिव शामिल हैं। इनमें डब्ल्यूएजी-9 के 401 मालवाहक इलेक्ट्रिक इंजन, डब्ल्यूएपी-7 के 143 यात्री इलेक्ट्रिक इंजन और 14 अमृत भारत लोकोमोटिव शामिल हैं। इसके अलावा 10 डीजल लोकोमोटिव मोजांबिक निर्यात के लिए तथा चार डीजल लोकोमोटिव घरेलू उपयोग के लिए बनाए गए हैं।

निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले भी बरेका ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 553 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लक्ष्य के सापेक्ष 558 लोकोमोटिव का निर्माण कर लक्ष्य से लगभग एक प्रतिशत अधिक उत्पादन हासिल किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। स्थापना से अब तक बरेका कुल 11259 रेल इंजनों का निर्माण कर चुका है, जिनमें 2925 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेल की आत्मनिर्भरता और तकनीकी मजबूती की दिशा में बरेका के योगदान को दर्शाती है।

बरेका द्वारा निर्मित लोकोमोटिव में चालक दल की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत लोको कैब में वाटरलेस यूरिनल, सीएलआई सीट, सिग्नल एक्सचेंज लाइट, डीपीडब्ल्यूसीएस और ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकों को शामिल किया गया है। इन नवाचारों के लिए बरेका को प्रोडक्शन यूनिट श्रेणी में लोको कैब के लिए प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।

Advertisement

गुणवत्ता और वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य के लिए यूरोपियन स्टैंडर्ड की संस्था द्वारा बरेका को इंटरनेशनल रेलवे इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के तहत आईएसओ 22163 का सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र लगातार दूसरी बार प्रदान किया गया है, जो इसकी विश्वसनीयता और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उत्पादन के साथ-साथ बरेका पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सक्रिय है। वर्षा जल संचयन के लिए तालाबों और सोक पिट के माध्यम से हर वर्ष हजारों लीटर पानी का संरक्षण किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यहां ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट की क्षमता 3874 किलोवाट-पीक तक पहुंच गई है।

राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रेलवे बोर्ड के राजभाषा निदेशालय द्वारा बरेका को “रेल मंत्री राजभाषा शील्ड” से सम्मानित किया गया है। वहीं रेल मंत्रालय ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बरेका को 642 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य सौंपा है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page