Connect with us

वाराणसी

वाराणसी कफ सीरप तस्करी केस में दो आरोपितों पर वारंट बी की दोबारा मांग

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी में कफ सीरप तस्करी प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। लखनऊ जेल में बंद आरोपित अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा और अमित कुमार यादव की मंगलवार को अदालत में पेशी नहीं हो सकी। कोतवाली थाना में दर्ज मुकदमे की सुनवाई के दौरान विवेचक दयाशंकर सिंह ने दोनों आरोपितों के खिलाफ पुनः वारंट बी जारी करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। इससे पहले अपर जिला जज/एफटीसी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत ने वारंट बी जारी कर 31 मार्च को पेशी की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन निर्धारित तिथि पर दोनों को पेश नहीं किया जा सका।

कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध भंडारण और तस्करी के मामले में एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने फरवरी माह में मैदागिन निवासी अमित यादव को हरहुआ रिंग रोड काशीधाम के समीप से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ के अनुसार, अमित यादव समाजवादी पार्टी की युवजन सभा का प्रदेश सचिव और हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है। उसके खिलाफ लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना में भी मामला दर्ज है और वह काफी समय से वांछित चल रहा था।

जांच एजेंसी का दावा है कि अमित यादव बंगाल और बांग्लादेश तक कफ सीरप की तस्करी का मुख्य सूत्रधार था। उसकी पहचान शुभम के साथ हरिश्चंद्र कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। आरोप है कि उसने वाराणसी के सप्तसागर दवा मंडी स्थित अपनी फर्म जीएल सर्जिकल के जरिए एक लाख से अधिक कफ सीरप की शीशियां खरीदीं और फर्जी तरीके से अन्य फर्मों के नाम पर बिक्री दर्शाकर ऊंचे दामों पर उन्हें खपाया। उसके खिलाफ पहले से दंगा, जानलेवा हमला और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

इसी मामले में जौनपुर निवासी अमित टाटा को एसटीएफ ने पिछले वर्ष नवंबर में लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि शुभम ने धनबाद में देव कृपा मेडिकल एजेंसी और वाराणसी में श्री मेडिकल के नाम से फर्जी फर्में बनवाई थीं, जबकि लेन-देन का पूरा संचालन शुभम और उसकी टीम करती थी।

दूसरी ओर, शुभम जायसवाल के खिलाफ रोहनिया थाना में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उस पर अदालत के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए बीएनएस की धारा 209 के तहत कार्रवाई की है, जिसमें तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। जिम के तहखाने से 500 पेटी कोडीनयुक्त कफ सीरप बरामद होने के मामले में अदालत ने 28 फरवरी को कुर्की की उद्घोषणा (धारा 82) जारी करते हुए शुभम को 30 मार्च तक पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन उसके अनुपस्थित रहने पर यह कार्रवाई की गई।

Advertisement

उधर, मामले की जांच कर रही एसआईटी ने संतोष गिरी, अशोक और शशांक नामक युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इन्हें दारा नगर निवासी वैभव जायसवाल का सहयोगी बताया जा रहा है, जो कथित तौर पर हवाला के जरिए कफ सीरप तस्करी से जुड़े पैसों के लेन-देन में शामिल रहा है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। एसीपी विजय प्रकाश ने संकेत दिया है कि जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा किया जाएगा।

वाराणसी में कफ सीरप तस्करी प्रकरण को लेकर पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page