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गोरखपुर

एसी कोच अटेंडेंट के लिए योग्यता में बदलाव, अब 12वीं पास भी बन सकेंगे सुपरवाइजर

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गोरखपुर। रेल यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने एसी कोच अटेंडेंट की योग्यता संबंधी मानकों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। 17 फरवरी 2026 को जारी आदेश के तहत अब एसी कोच अटेंडेंट पद के लिए आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।

नए संशोधित प्रावधान के अनुसार इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास (इंटरमीडिएट) निर्धारित की गई है। हालांकि अटेंडेंट को अर्धकुशल श्रेणी के अंतर्गत कोचों में होने वाली छोटी-मोटी मरम्मत के लिए प्रशिक्षित होना अनिवार्य रहेगा। इसके साथ ही उन्हें अपने जिम्मे दिए गए कोचों में सुपरवाइजर की भूमिका भी निभानी होगी।

रेलवे बोर्ड के निदेशक लव शुक्ला ने 18 मार्च 2026 को भारतीय रेलवे के सभी जोनल महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उत्तर रेलवे द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया है, जहां आईटीआई योग्य कर्मचारियों की सीमित उपलब्धता के कारण नीति के क्रियान्वयन में कठिनाइयों की बात सामने आई थी। साथ ही यह भी कहा गया कि 17 फरवरी को जारी नीति के अन्य सभी प्रावधान यथावत लागू रहेंगे। यह आदेश रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद जारी किया गया है।

दरअसल, रेलवे बोर्ड ने ऑन-बोर्ड सर्विस में व्यापक बदलाव करते हुए लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर और स्वच्छ यात्रा अनुभव देने के लिए ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (ओबीएचएस) को सुधारने हेतु नई नीति लागू की है। इस संबंध में सभी जोनल रेलवे को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

बोर्ड के अनुसार ट्रेनों में साफ-सफाई बनाए रखने और यात्रियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में ओबीएचएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एसी कोचों में तैनात अटेंडेंट लिनेन मैनेजमेंट का कार्य भी करते हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लगातार निगरानी के बावजूद ऑन-बोर्ड सेवाओं की गुणवत्ता और निरंतरता में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।

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इस स्थिति के लिए गैर-प्रोफेशनल एजेंसियों द्वारा नियुक्त अप्रशिक्षित और कम प्रेरित कर्मचारियों को प्रमुख कारण माना गया है, जिससे सेवा में कमी और शिकायतों में वृद्धि हुई है। नई नीति के तहत अब केवल प्रोफेशनल और जिम्मेदार सर्विस प्रोवाइडर्स को ही शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यह व्यवस्था प्रत्येक जोन की पांच चयनित ट्रेनों में लागू की जाएगी और आगे चलकर सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में इसे लागू किया जाएगा।

नई ऑन-बोर्ड सर्विस व्यवस्था के अंतर्गत सेवा प्रदाताओं को ट्रेन के प्रारंभ से अंत तक स्पष्ट जवाबदेही निभानी होगी। उनकी जिम्मेदारियों में ऑन-बोर्ड सफाई, हाउसकीपिंग, लिनेन प्रबंधन, टॉयलेट मेंटिनेंस, कचरा प्रबंधन, बेसिक सुरक्षा जांच, छोटी मरम्मत के कार्य तथा यात्रियों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराना शामिल रहेगा। साथ ही तैनात मैनपावर का प्रशिक्षित, सत्यापित और यूनिफॉर्म में होना अनिवार्य किया गया है।

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