गाजीपुर
कृषि मेले में अव्यवस्था का आरोप, किसानों ने उठाए सवाल
गाजीपुर (जयदेश)। कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान मेले में अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों में नाराजगी देखने को मिली। आरोप है कि कार्यक्रम में सुबह 8:00 बजे से ही करीब 100 महिलाओं और 50 पुरुष किसानों को बुलाया गया, लेकिन उनके लिए जलपान की समुचित व्यवस्था नहीं की गई।
किसानों का कहना है कि एक ओर अधिकारियों के लिए विशेष रूप से बोतलबंद पानी, फल और मिष्ठान की व्यवस्था की गई थी, वहीं आम किसानों को केवल जार का पानी उपलब्ध कराया गया। नाश्ते के नाम पर बेहद साधारण और अपर्याप्त अल्पाहार दिया गया, जिससे किसान असंतुष्ट नजर आए।
विशेष रूप से नवरात्र के पहले दिन व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए किसी भी प्रकार की शुद्ध या उपयुक्त व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठाए गए। उपस्थित महिला किसानों ने बताया कि उनके लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया।
इस संबंध में जब जय देश के ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र मिश्रा ने कृषि विभाग के अधिकारियों से बात की, तो उनका कहना था कि व्यवस्था की गई थी और पानी की बोतलें भी मंगाई गई थीं। हालांकि, मौके पर मौजूद किसानों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अधिकांश सुविधाएं केवल अधिकारियों तक सीमित रहीं।
किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अल्पाहार की व्यवस्था विभाग से जुड़े एक कर्मचारी के निजी स्रोत से कराई गई, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। साथ ही, लाखों रुपये के बजट के बावजूद व्यवस्थाओं की स्थिति खराब होने पर धन के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा हर कार्यक्रम में कुछ चुनिंदा लोगों को ही बुलाया जाता है, जबकि अधिकांश किसानों को सूचना तक नहीं दी जाती। इससे आम किसानों में असंतोष बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा विकास और सुशासन के नाम पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। अब सभी की निगाहें आगामी उद्योग विभाग की प्रदर्शनी पर टिकी हैं कि वहां व्यवस्थाएं कैसी रहती हैं।
