गोरखपुर
विश्व महिला दिवस पर राजयोगिनी बीके तृप्ति दीदी करेंगी संबोधित
महिला सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देगा विशेष कार्यक्रम
गोरखपुर। विश्व महिला दिवस के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शहर में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक जीवन दृष्टि का संचार करना है, जिससे वे परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में और अधिक सशक्त भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज परिवार की वरिष्ठ राजयोगिनी और गुजरात के सूरत सेंटर से पधार रही ओजस्वी वक्ता बीके तृप्ति दीदी अपने प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को “नई सोच, नया जीवन और नई शुरुआत” का संदेश देंगी। उनके आध्यात्मिक विचार और अनुभव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में लोगों को प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण विषय पर विशेष व्याख्यान, प्रेरणादायी संदेश, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा होली मिलन के आध्यात्मिक रंगों से सुसज्जित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज को सुख, शांति और आनंद की दिशा में प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।
मायाबाजार सेंटर की प्रभारी बीके डॉ. समृद्धि ने बताया कि जब नारी आत्मविश्वास, संस्कार और आध्यात्मिक शक्ति से सशक्त होती है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनता है। इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम लोगों को आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और जीवन में नई शुरुआत के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम 8 मार्च, रविवार को अपरान्ह 4 बजे से 6 बजे तक बैंक रोड स्थित स्वयंवर मैरिज हॉल में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवतियों तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति अपेक्षित है।
इसके अतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली मिलन समारोह के क्रम में पुलिस लाइन कैंपस, बिछिया स्थित पीएसी प्रांगण तथा शहर के कुछ टेक्निकल कॉलेज परिसरों में भी गुजरात से पधारी राजयोगिनी बीके तृप्ति दीदी द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन और राजयोग के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संदेश दिए जाएंगे।
आयोजकों ने शहरवासियों से सादर अनुरोध किया है कि वे इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में शामिल होकर आध्यात्मिकता, प्रेम और सद्भाव की होली के पावन रंगों में स्वयं को रंगें और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएं।
