वाराणसी
Budget 2026 : वाराणसी–पटना को बड़ी सौगात, अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए बनेगी जहाज मरम्मत प्रणाली
वाराणसी। बजट 2026-27 में वित्त मंत्री ने वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए जहाज मरम्मत प्रणाली स्थापित करने की घोषणा की है। बजट के दौरान की गई इस महत्वपूर्ण घोषणा के तहत दोनों शहरों में आधुनिक जहाज मरम्मत सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे जल परिवहन को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने बजट 2026 के संदर्भ में कहा कि यह परियोजना अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाई गई है। भारत में जलमार्गों के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में इसे एक अहम पहल बताया गया है। वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहरों में जहाज मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध होने से न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि जल परिवहन की कार्यक्षमता और संचालन में भी सुधार होगा।
इस योजना के अंतर्गत वाराणसी और पटना में जहाजों की मरम्मत के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से जलमार्गों के जरिए माल और यात्रियों के परिवहन को और अधिक सुगम बनाया जा सकेगा। साथ ही यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प को भी बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। सरकार जलमार्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, इस पहल से स्थानीय समुदायों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, क्योंकि जहाज मरम्मत से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में जलमार्गों के विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार जलमार्गों के जरिए व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और यह देश की आर्थिक प्रगति में सहायक बनेगा। इससे गंगा नदी में जल यातायात को भविष्य में नई गति मिलने की संभावना जताई गई है।
वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत प्रणाली की स्थापना को अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह परियोजना जल परिवहन को सशक्त बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। वित्त मंत्री की इस घोषणा से यह संकेत मिलता है कि सरकार जलमार्ग आधारित परिवहन और अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर है।
बजट 2026 में की गई यह घोषणा जल परिवहन क्षेत्र में नई उम्मीद के रूप में देखी जा रही है। इससे वाराणसी में गंगा आधारित रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ गंगा आधारित अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। अभी तक जहाजों की मरम्मत की सुविधाएं मुख्य रूप से समुद्र तटीय क्षेत्रों तक सीमित थीं, जो अब मध्य भारत में गंगा के किनारे उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए वाराणसी में पहले से ही तैयारियां चल रही हैं।
