गोरखपुर
गीडा में मानक विहीन बीयर बारों का संचालन, बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश
गोरखपुर। गीडा औद्योगिक क्षेत्र में कई स्थानों पर नियमों के विपरीत संचालित हो रहे बीयर बार और शराब दुकानों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराज़गी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के सेक्टर-13, 15, 22 सहित कई हिस्सों में बिना उचित व्यवस्था के दुकानें चलने का आरोप है, जिनके कारण आए दिन विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएँ सामने आ रही हैं। इससे आसपास रहने वाले लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गीडा का क्षेत्र औद्योगिक विकास और रोज़गार के लिए बसाया गया था, लेकिन मानक विहीन शराब दुकानों के कारण पूरे इलाके का वातावरण खराब हो रहा है। देर रात तक भीड़भाड़, नशे में झगड़े और लगातार बढ़ते शोर-शराबे से महिलाओं और बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दुकानों के आसपास फैली गंदगी भी स्वच्छता के लिए खतरा बन चुकी है।
स्थानीय लोगों ने शिकायत कर बताया कि इन दुकानों पर न तो उचित पार्किंग व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के मानक पूरे किए जाते हैं। कई बार मारपीट की घटनाएँ हुईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई की कमी से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों के विरोध और लगातार उठ रही शिकायतों के बाद आबकारी विभाग ने जांच का आश्वासन दिया है। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि दुकानें अगर नियमों के विरुद्ध चल रही हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ जांच का भरोसा काफी नहीं है—जब तक वास्तविक कार्रवाई नहीं होती, तब तक क्षेत्र में शांति और व्यवस्था कायम होना मुश्किल है। लोग चाहते हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह के बार और शराब दुकानों को नियंत्रित किया जाए ताकि मूल उद्देश्य—उद्योग और रोजगार का विकास—फिर से पटरी पर लौट सके।
