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वाराणसी

अब बनारस में गंदगी फैलाना पड़ेगा महंगा, हर गलती पर लगेगा जुर्माना

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वाराणसी नगर निगम ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नई “स्वच्छता नियमावली-2021” लागू कर दी है। इस नियमावली में 32 बिंदुओं पर जुर्माने की राशि तय की गई है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने पुराने नियम (स्वच्छता नियमावली-2017) को अमान्य घोषित कर दिया है। अब सभी विभाग एक समान जुर्माना बुक के तहत कार्रवाई करेंगे।

नगर आयुक्त ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति या संस्था बार-बार इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो पहले जुर्माना और बाद में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

स्वच्छता नियमावली-2021 के तहत 32 बिंदुओं पर जुर्माने की पूरी सूची 👇

(1) खुली या रिक्त भूमि, खेल का मैदान या उद्यान में गंदगी करने पर 500 रुपये जुर्माना।


(2) नदी, जलमार्ग, सीवर या गंगा जल में पूजा-सामग्री डालने पर 750 रुपये जुर्माना।

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(3) सार्वजनिक या निजी रास्ते, सड़क, फुटपाथ, सड़क डिवाइडर के पास गंदगी करने पर 500 रुपये जुर्माना।


(4) शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सालय, धार्मिक स्थल या ऐतिहासिक इमारतों के पास गंदगी करने पर 750 रुपये जुर्माना।


(5) अपने परिसर में 24 घंटे से अधिक समय तक कूड़ा या मलबा जमा रखने पर 500 रुपये जुर्माना।


(6) वाहन चलाते या खड़े वाहन से कूड़ा या थूक फेंकने पर 1000 रुपये जुर्माना।


(7) प्रतिबंधित प्लास्टिक/थर्माकोल का उत्पादन, वितरण या बिक्री करने पर अधिनियम 2000 के तहत स्थलीय जुर्माना।

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(8) सार्वजनिक स्थान पर थूकना, पेशाब करना, मल त्यागना या जानवरों को खिलाने हेतु भोजन फैलाने पर 250 रुपये जुर्माना।


(9) कूड़ा जलाने, मिट्टी में दबाने या इस तरह निस्तारण करने पर 250 रुपये जुर्माना।


(10) बिना ढके हुए ट्रक या वाहन से कूड़ा ले जाने पर 2000 रुपये जुर्माना।


(11) पालतू जानवरों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर मल त्याग कराने पर 500 रुपये जुर्माना।


(12) पालतू जानवर के मल को न उठाने पर 500 रुपये जुर्माना।

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(13) निर्माण या विध्वंस अपशिष्ट गंगा, नालियों या सड़क के किनारे डालने पर 3000 रुपये जुर्माना।


(14) अपशिष्ट का पृथक्करण न करने (गीला-सूखा कचरा अलग न रखने) पर 200 रुपये प्रति माह जुर्माना।


(15) निर्माण अपशिष्ट को पृथक किए बिना सौंपने पर 2000 रुपये जुर्माना।


(16) उद्यान अपशिष्ट, पेड़ों की छाल या कतरनों को पृथक किए बिना देने पर 200 रुपये जुर्माना।

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(17) मछली, मुर्गी, मांस अपशिष्ट को पृथक किए बिना देने पर – 750 रुपये प्रति माह जुर्माना।


(18) थोक अपशिष्ट उत्सर्जक द्वारा अपृथक्कृत कचरा देने पर – 1000 रुपये प्रति सप्ताह जुर्माना।


(19) नगर निकाय में बिना अनुमति के कचरा संग्रहण करने पर – 500 रुपये प्रति अपराध जुर्माना।


(20) नालियों या सीवर में घरेलू गंदा पानी प्रवाहित करने पर 500 रुपये जुर्माना।


(21) ऐसी सामग्री नालियों में डालने पर जिससे प्रवाह बाधित हो – 500 रुपये जुर्माना।

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(22) खुले नालों या मेनहोल में कूड़ा या गाद डालने पर 1000 रुपये जुर्माना।


(23) उद्योगों द्वारा बिना ट्रीटमेंट गंदा पानी बहाने पर 5000 रुपये जुर्माना।


(24) सुरक्षात्मक उपकरण के बिना सेप्टिक टैंक या नाले में सफाई करवाने पर 5000 रुपये जुर्माना।


(25) अपने परिसर में जल जमाव या अस्वास्थ्यकर स्थिति पैदा करने पर 5000 रुपये जुर्माना।


(26) विक्रेताओं या फेरीवालों द्वारा अपृथक्कृत कचरा रखने पर – 25 रुपये प्रति दिन जुर्माना।

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(27) 100 से अधिक लोगों के आयोजन के बाद स्थल न साफ रखने पर जमा राशि जब्त।


(28) नगर सीमा से बाहर के लोग शहर में कूड़ा डालते पाए जाने पर 1000 रुपये प्रतिदिन जुर्माना।


(29) सीमांत ग्राम पंचायतों द्वारा नगर सीमा में कूड़ा डालने पर 1000 रुपये प्रतिदिन और सफाई व्यय की वसूली।


(30) नगर निगम की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या बिना अनुमति हटाने पर 2000 रुपये और लागत की वसूली।


(31) नदी, जलाशय या नालों में मानव या पशु शव फेंकने पर 3000 रुपये जुर्माना।

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(32) भंडारा या लंगर में पृथक कूड़ेदान की व्यवस्था न करने पर 2000 रुपये जुर्माना।

नगर आयुक्त का निर्देश

नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए सभी जोनल अधिकारियों, अभियंताओं, स्वास्थ्य व राजस्व निरीक्षकों को नई जुर्माना बुक प्रदान कर दी गई है और नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

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