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वाराणसी

10 वर्षों से लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने वालों को आपातकाल पर बोलने का हक नहीं : राघवेन्द्र चौबे

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वाराणसी।महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने केंद्र सरकार द्वारा 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने की अधिसूचना जारी करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि, देश में आज के लगभग 50 साल पहले 1975 में आपातकाल (Emergency) देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगा था। उसके बाद अटल जी प्रधानमंत्री भी हुए लेकिन कभी भी आपातकाल जिक्र तक नहीं किया।

यही नहीं 10 वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी जी ने आपातकाल पर कभी चर्चा तक नहीं किया और अब संविधान हत्या दिवस की अधिसूचना जारी की है। जबकि भाजपा सरकार हर दिन संविधान और लोकतंत्र की हत्या कर रही है। निश्चित रूप से आज देश में 10 वर्षों से अघोषित आपातकाल लागू है, जिस पर खुली बहस होनी चाहिए।

राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि आपातकाल के समय नरेंद्र मोदी और अमित शाह का कहीं अता-पता नहीं था। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आपातकाल के समय मात्र 3 वर्ष के थे। इन्हें आपातकाल पर बोलने का कोई हक नहीं है। आपातकाल में प्रदेश और देश के हजारों की संख्या में जनसंघ और संघ के लोगों ने तत्कालीन सरकार को माफी नामा लिखा था।

आज जब राहुल गांधी द्वारा सड़क से लेकर संसद तक लोकतंत्र, संविधान बचाने के लिए जोरदार तरीके से लडाई लड़ी जा रही हैं जिससे आम जनमानस में उनकी स्वीकार्यता व लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ रही हैं। उससे बीजेपी और संघ खेमे की बौखलाहट बढ़ गयी हैं। इसी बौखलाहट का नतीजा है कि संविधान हत्या दिवस की अधिसूचना जारी किया जा रहा है।

जबकि देशवासियों खासकर युवाओं को आपातकाल का हिसाब नहीं। वर्तमान की मंहगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, निजीकरण का निदान चाहिए। बेशर्मी की भी हद होती है। आज देश मे अघोषित आपातकाल और खुली लुट चुनावी बाण्ड, प्रधानमंत्री कोष, भारी भरकम कर दोहन, देशवासियों पर नए-नए कानून लादकर उनका उत्पीड़न हो रहा हैं।

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राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र संविधान की हमेशा रक्षा की है और करती रहेगी। लेकिन देश की जनता इस अघोषित आपातकाल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

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