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गोरखपुर

राप्ती बचाओ-कछरांचल ब्लॉक बनाओ आंदोलन का हुआ शंखनाद

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गोरखपुर। चौरी-चौरा की जीवनदायिनी राप्ती नदी को प्रदूषण मुक्त करने और पृथक ‘कछरांचल ब्लॉक’ के निर्माण की मांग को लेकर आज वन भारत सिटीज़न पार्टी (ओबीसी पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी के नेतृत्व में एक जन-आंदोलन की शुरुआत हुई।

पूर्व घोषित अल्टीमेटम के तहत, जब 30 अप्रैल तक प्रशासन ने राप्ती नदी में गिर रहे जहरीले रासायनिक कचरे को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आक्रोशित ग्रामीणों के साथ काली शंकर यदुवंशी ने राप्ती नदी के सिंघोड़वा घाट पर धरना-प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और पदयात्रा का आगाज़ कर दिया।

आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए काली शंकर यदुवंशी ने प्रशासनिक रवैये पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने नदी के पानी की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन आज राप्ती और आमी नदी का पानी पहले से कहीं ज्यादा काला और बदबूदार हो चुका है।

जहरीले पानी के कारण पशु मर रहे हैं और गांवों में बीमारियां महामारी का रूप ले रही हैं, मगर शासन मौन है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अब यह लड़ाई केवल ज्ञापनों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर लड़ी जाएगी। इसी के साथ, काली शंकर यदुवंशी ने कछरांचल ब्लॉक के निर्माण में हो रही देरी को एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने तथ्यों के साथ बताया कि वर्ष 2010 से ही वे 52 गांवों को मिलाकर नया ब्लॉक बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उनके निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप 2021-22 में शासन ने सर्वे और बजट का आकलन भी पूरा कर लिया था और उत्तर प्रदेश के 75 प्रस्तावित ब्लॉकों की सूची में कछरांचल ब्लॉक को 63वें स्थान पर रखा गया है। यदुवंशी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि सिर्फ इसलिए इस ब्लॉक की घोषणा रुकवा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि इसका पूरा श्रेय काली शंकर यदुवंशी को मिल जाएगा।

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उन्होंने दो टूक कहा कि जनता के विकास को राजनीतिक ईर्ष्या की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।आज की पदयात्रा में सिहोड़वा, गोपलापुर गांवों केकिसानों, युवाओं ने हिस्सा लिया। आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया कि जब तक फैक्ट्रियों का जहरीला पानी बंद नहीं होता और कछरांचल ब्लॉक की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक यह पदयात्रा और प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।

काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि राप्ती माँ की अस्मिता और कछरांचल के हक के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।प्रदर्शन में प्रमुख रूप से राम सिंह, राजेंद्र, संजय, कुलदीप, शिवचंद, प्रभुनाथ, जय प्रकाश दरोगा, मिलन, मिर्ज़ा यादव, गिरिजा शंकर, रणजीत, सुग्रीव, जामवंत, विपिन,राम होसिला, गुड्डू, वीरू, चंदेल पटेल, राज, बलबीर, रवि शर्मा, रामू , संतराज आदि उपस्तिथ थे।

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