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गोरखपुर

पुलिस-डॉक्टर समन्वय बैठक आयोजित, आपात स्थितियों में त्वरित सहयोग पर जोर

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गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की अध्यक्षता में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारियों एवं चिकित्सकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक का उद्देश्य पुलिस और चिकित्सा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, आपात स्थितियों में त्वरित सहयोग सुनिश्चित करना तथा आमजन को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा।बैठक में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. शुक्ला, सचिव डॉ. वाई. सिंह सहित शहर के कई प्रमुख चिकित्सक मौजूद रहे।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने सभी चिकित्सकों का स्वागत करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाएं दोनों ही समाज के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जिनके बीच बेहतर तालमेल से ही आम जनता को त्वरित और प्रभावी सहायता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार सड़क दुर्घटनाओं, आपराधिक घटनाओं या अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

ऐसे मामलों में पुलिस और डॉक्टरों के बीच बेहतर समन्वय होने से पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है। एसएसपी ने चिकित्सकों से अपील की कि वे ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर उपचार सुनिश्चित करें। बैठक में चिकित्सकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और अस्पतालों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि कई बार अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौतियां सामने आती हैं, खासकर गंभीर मामलों में मरीज के परिजन या भीड़ के आक्रोश की स्थिति में। इस पर एसएसपी ने आश्वासन दिया कि अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा।

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डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या होने पर संबंधित थाना और कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक प्रभावी कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे आपसी सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज और सुचारु हो सके।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के “गोल्डन ऑवर” के महत्व पर भी चर्चा की गई। एसएसपी ने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में पुलिस और डॉक्टर मिलकर यदि त्वरित कार्रवाई करें तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस दिशा में संयुक्त जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।इसके अलावा चिकित्सकों ने फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र, पोस्टमार्टम प्रक्रिया में पारदर्शिता, तथा कानूनी मामलों में चिकित्सकों की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा की।

एसएसपी ने इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।आईएमए अध्यक्ष डॉ. आर.पी. शुक्ला ने कहा कि पुलिस और डॉक्टर दोनों ही समाज सेवा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाते हैं और आपसी सहयोग से कार्य करने पर बेहतर परिणाम मिलेंगे। सचिव डॉ. वाई. सिंह ने भी कहा कि इस तरह की बैठकों से संवाद मजबूत होता है और समस्याओं के समाधान का रास्ता निकलता है।

बैठक के अंत में एसएसपी ने सभी चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के समन्वय बैठकों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि दोनों विभागों के बीच तालमेल और मजबूत हो सके।

इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं आईएमए से जुड़े अन्य चिकित्सक भी उपस्थित रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और सभी ने मिलकर जनहित में बेहतर सेवाएं देने का संकल्प लिया।

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