वाराणसी
बाबा बटुक भैरव का त्रिगुणात्मक श्रृंगार 15-16 दिसंबर को, भक्तों में उत्साह
वाराणसी। बाबा बटुक भैरव मंदिर, कमच्छा में 15 और 16 दिसंबर को वार्षिक त्रिगुणात्मक श्रृंगार का आयोजन होगा। इस दौरान बाबा का स्वास्तिक, राजश्री, और तामसी श्रृंगार किया जाएगा। महंत पंडित जितेंद्र मोहनपुरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस परंपरा का उद्देश्य भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आनंद प्रदान करना है।
भव्य श्रृंगार के लिए विशेष फूल
बाबा का श्रृंगार सफेद बेला, रजनीगंधा और अन्य विशेष किस्म के फूलों से किया जाएगा, जिन्हें देश के विभिन्न राज्यों से मंगवाया गया है। महंत ने बताया कि इस आकर्षक श्रृंगार के लिए मंदिर को भी भव्य तरीके से सजाया जाएगा।
15 दिसंबर: पंचामृत स्नान और 56 भोग
कार्यक्रम की शुरुआत 15 दिसंबर की सुबह पंचामृत स्नान और स्वास्तिक पूजन से होगी। इसके बाद बाबा का राजश्री श्रृंगार किया जाएगा। 56 भोग अर्पित कर भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया जाएगा।
16 दिसंबर: बटुक पूजन और महायज्ञ
16 दिसंबर को सुबह बटुक पूजन और रुद्र बटुक महायज्ञ का आयोजन होगा। दिन का समापन बाबा की महा आरती और विशेष प्रसाद वितरण से होगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आयोजन
महंत जितेंद्र मोहनपुरी ने कहा, “यह आयोजन बाबा बटुक भैरव की कृपा प्राप्त करने और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरने का सुनहरा अवसर है।” कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोजन में महंत भास्कर पुरी और महंत राकेश पुरी भी शामिल होंगे। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन न केवल भक्ति बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव का अवसर होगा।
