वाराणसी
सामने घाट पुल पर तीन घंटे तक थमा आवागमन
जाम के कारण स्कूली बस, एंबुलेंस व मरीज फंसे
वाराणसी। शनिवार को सामने घाट शास्त्री पुल पर भीषण जाम के कारण तीन घंटे तक आवागमन ठप हो गया। पुल से लेकर रामनगर, लंका, रमना और विश्व सुंदरी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात इतने खराब हो गए कि लोग पैदल पुल पार करने पर मजबूर हो गए, जबकि एंबुलेंस और स्कूली बसें घंटों जाम में फंसी रहीं।
जाम का कारण और पुलिस प्रशासन की लापरवाही
बताया जा रहा है कि बिहार और मध्य प्रदेश की ओर जाने वाली अवैध बसों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चलते पुल के पास रमना की ओर जाने वाले मार्ग पर जाम लग गया। देखते ही देखते जाम इतना बढ़ा कि पुल से जुड़े सभी रास्ते बेतरतीब वाहनों से भर गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के दोनों ओर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए कोई स्थायी पुलिस ड्यूटी नहीं है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर होते भी हैं तो वसूली में व्यस्त रहते हैं।

जाम के कारण एंबुलेंस व मरीज फंसे
इस जाम में दर्जनों एंबुलेंस और स्कूली बसें फंस गईं। गनीमत रही कि मौसम ठंडा था, वरना मरीजों की हालत और बिगड़ सकती थी। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दुर्ग प्रशासन ने पर्यटकों के वाहनों के लिए पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
पुल पर बढ़ रहा खतरा
रात में भारी ट्रकों और पर्यटक बसों का पुल से आवागमन भी जाम और पुल की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मांग की कि दुर्ग प्रशासन की तरह पुल पर भी पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

जाम छुड़ाने में पुलिसकर्मियों के छूटे पसीने
सूचना मिलने पर एसीपी कोतवाली इशांत सोनी, रामनगर थाना प्रभारी राजू सिंह और कस्बा प्रभारी राकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक व्यवस्था संभाली। दर्जनों पुलिसकर्मियों की मदद से वाहनों को नियंत्रित कर धीरे-धीरे जाम हटाया गया। हालांकि, इस प्रक्रिया में तीन घंटे से अधिक समय लग गया।

स्थानीय लोगों ने किया सहयोग
भीषण जाम को देखकर पूर्व सभासद संतोष शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में पुलिस का सहयोग किया। उनके प्रयासों से दोपहर तीन बजे के बाद पुल पर आवागमन सामान्य हो सका।

स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने पुलिस प्रशासन से पुल पर स्थायी पुलिस ड्यूटी और अवैध वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी दिन यह जाम बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
