वाराणसी
राहुल गांधी के खिलाफ अर्जी खारिज
वाराणसी में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ/एमपी-एमएलए कोर्ट नीरज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने अमेरिका में भड़काऊ बयान देने के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अर्जी को खारिज कर दिया।
अदालत ने यह फैसला इस आधार पर लिया कि राहुल गांधी ने बयान अमेरिका में दिया था और इसके लिए केंद्र सरकार की पूर्वानुमति के अभिलेख अर्जी के साथ पेश नहीं किए गए थे।
कोर्ट ने कहा कि जहां तक 14 दिसंबर 2019 को दिल्ली के रामलीला मैदान में दिए गए विवादित भाषण का सवाल है उस भाषण या उसके किसी अंश का जिक्र अर्जी में नहीं किया गया है। बिना स्पष्ट प्रमाण यह नहीं कहा जा सकता कि राहुल गांधी ने कोई संज्ञेय अपराध किया है।
अदालत ने यह भी कहा कि भारत में हुए किसी अपराध की जांच या विचारण केवल उस न्यायालय में हो सकता है जिसकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अंतर्गत वह अपराध हुआ हो।
तिलमापुर के पूर्व ग्राम प्रधान नागेश्वर मिश्र ने अदालत में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने अमेरिका दौरे पर कहा था कि भारत में सिखों के बीच असुरक्षा का माहौल है। उनके अनुसार सिखों को पगड़ी पहनने, कड़ा धारण करने और गुरुद्वारों में जाने की अनुमति नहीं है।
इस बयान का खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने समर्थन किया था जिससे आतंकवाद को बढ़ावा मिलने और गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई थी।
इसके अलावा आरोप लगाया गया कि 14 दिसंबर 2019 को रामलीला मैदान में दिए गए भाषण के जरिए उन्होंने शाहीनबाग में धरना-प्रदर्शन को भड़काया जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान गई।
इन सभी आरोपों के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
