वाराणसी
चेतगंज की नक्कटैया में लक्ष्मण ने काटी शूर्पणखा की नाक, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
काशी के चेतगंज में करवाचौथ के दिन नक्कटैया मेले का आयोजन हुआ, जिसमें शूर्पणखा की नाक काटने की रामायण से प्रेरित लीला का प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। नक्कटैया लीला की शुरुआत 1888 में बाबा फतेहराम ने की थी जो इसे अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक सांस्कृतिक विरोध के रूप में इस्तेमाल करते थे। तब से यह लीला हर साल आयोजित की जा रही है।

इस साल मेले में इजराइल-हमास युद्ध जैसे समसामयिक मुद्दों पर आधारित लाग-वाहन भी शामिल हुए, जिनकी झांकियों में 50 से अधिक लाग विमानों को प्रदर्शित किया गया। मुख्य लीला रात्रि दस बजे चेतगंज में हुई, जहां लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक काटने का प्रसंग दिखाया गया। इसके बाद झांकी मलदहिया चौराहा पहुंची, जहां से सेना के साथ लंका पर आक्रमण का दृश्य दिखाया गया।

मेले में इलाहाबाद की तीन विशेष झांकियां भी शामिल थीं, जो लंका दहन, श्रीराम-सीता स्वयंवर और श्रीकृष्ण-राधा के महारास पर आधारित थीं। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति गीतों पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
