वाराणसी
प्रधानमंत्री के लोकार्पण के बाद काशीवासियों को समर्पित हुआ सोवा-रिग्पा अस्पताल
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ स्थित सोवा-रिग्पा हास्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज के भवन का लोकार्पण वर्चुअल माध्यम से किया। यह उत्तर प्रदेश का पहला सोवा-रिग्पा अस्पताल है, जिसमें प्राचीन(लगभग 5000 साल प्राचीन)तिब्बती चिकित्सा पद्धति के अनुसार जड़ी-बूटियों और पारंपरिक तरीकों से इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। लोकार्पण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सोवा-रिग्पा हास्पिटल के जीवक ऑडिटोरियम में हुआ, जहां संस्थान के मेडिकल विभाग द्वारा अन्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


सोवा-रिग्पा तिब्बती चिकित्सा की एक प्राचीन प्रणाली है, जो हिमालयी जड़ी-बूटियों, आहार-विहार, मंत्र चिकित्सा और संतुलित जीवनशैली पर आधारित है। केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ में 1993 में एक छोटे कमरे से शुरू हुए इस चिकित्सा केंद्र का अब पूर्ण रूप से विकास हो चुका है।10970 वर्ग मीटर में फैला यह अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और कम लागत (मात्र 25 रुपये का पर्चा) पर जड़ी-बूटी आधारित उपचार उपलब्ध है।


प्रधानमंत्री के इस कदम से काशी में पारंपरिक ज्ञान और स्वास्थ्य सेवाओं का नया अध्याय शुरू हुआ है, जो पूर्वांचल के लोगों को सस्ती और प्राकृतिक चिकित्सा का विकल्प प्रदान करेगा। कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं और चिकित्सा विभाग के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह लोकार्पण प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे का हिस्सा है, जिसमें विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी शामिल है। सोवा-रिग्पा अस्पताल केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ, वाराणसी में है। यह अस्पताल पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
