Connect with us

शिक्षा

BHU : शोध कार्यों में अनियमितताओं पर आईसीएआर ने मांगी रिपोर्ट

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कृषि विज्ञान संस्थान में संचालित शोध परियोजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठने के बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामला अखिल भारतीय समन्वित गेहूं परियोजना के शोध कार्यों में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है।

इस संबंध में आजमगढ़ के वकील एवं ट्रांसपोर्ट इंडिया लीगल ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिकेश बहादुर सिंह ने 14 दिसंबर 2025 को आईसीएआर में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कृषि विज्ञान संस्थान के अंतर्गत संचालित गेहूं परियोजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

आईसीएआर के उप सचिव (कृषि शिक्षा) राजेश कुमार झा ने बीएचयू के कुलपति को पत्र भेजकर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामला सीधे विश्वविद्यालय से संबंधित होने के कारण जांच और आगे की कार्रवाई के लिए इसे बीएचयू प्रशासन को ही अग्रेषित किया गया है। यह कदम उप महानिदेशक, कृषि शिक्षा की स्वीकृति के बाद उठाया गया है।

अखिल भारतीय समन्वित गेहूं परियोजना को देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि अनुसंधान के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस परियोजना से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने से वैज्ञानिक समुदाय और विश्वविद्यालय प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।

अब इस मामले में आगे की कार्रवाई बीएचयू प्रशासन के स्तर पर निर्भर मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय आंतरिक जांच के लिए एक समिति गठित कर सकता है, जो शोध कार्यों की पारदर्शिता और आवंटित धनराशि के उपयोग की सत्यता की जांच करेगी।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page