गोरखपुर
हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास
गोरखपुर। जनपद गोरखपुर में वर्ष 2010 में थाना झंगहा क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। माननीय न्यायालय एडीजे-04, गोरखपुर ने सुनवाई के बाद अभियुक्त अमोद उर्फ मोधई एवं राजेन्द्र को हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों अभियुक्तों पर 1-1 लाख 10 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया है।
यह मामला मु0अ0सं0 247/2010 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 34 और 201 के तहत आरोप पंजीकृत किए गए थे। अभियुक्तगण अमोद उर्फ मोधई पुत्र जितई यादव एवं राजेन्द्र पुत्र छेदी यादव, ग्राम मीठाबेल, थाना झंगहा, जनपद गोरखपुर के निवासी हैं।
इस प्रकरण में दोषसिद्धि पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत मिली एक अहम सफलता मानी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर के निर्देशन में थाना स्तर पर पैरोकारों एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा प्रभावी तरीके से पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय में अभियोजन पक्ष मजबूत ढंग से प्रस्तुत हुआ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में साक्ष्यों का सटीक संकलन, गवाहों की प्रभावी प्रस्तुति और लगातार निगरानी के चलते अभियुक्तों को सजा दिलाने में सफलता मिली। इस प्रकार के अभियानों का उद्देश्य लंबित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
विशेष रूप से, इस मुकदमे में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) बृजेश कुमार सिंह की भूमिका सराहनीय रही। उनकी सशक्त पैरवी एवं कानूनी रणनीति ने अभियोजन को मजबूती प्रदान की, जिसके चलते न्यायालय ने अभियुक्तों को कठोर दंड सुनाया।
पुलिस विभाग ने इस फैसले को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आगे भी ऐसे अभियानों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाकर समाज में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
