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बंगाल में सत्ता परिवर्तन के संकेत, असम-पुडुचेरी में भाजपा बहुमत के पार
तमिलनाडु में विजय की टीवीके सबसे आगे
नई दिल्ली/कोलकाता। देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे से जारी है। शुरुआती रुझानों में पश्चिम बंगाल में बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) बढ़त बनाते हुए सत्ता के करीब पहुंचती नजर आ रही है। मौजूदा संकेतों के अनुसार ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस की सत्ता वापसी की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही है।
रुझानों में असम और पुडुचेरी में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है और सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रही है।
पश्चिम बंगाल में 294 में से 293 सीटों पर मतगणना हो रही है, जबकि एक सीट पर चुनाव रद्द होने के कारण परिणाम बाद में घोषित होगा। राज्य में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच 77 केंद्रों पर वोटों की गिनती जारी है। इस बार बंगाल में रिकॉर्ड 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
ताजा रुझानों के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा बहुमत के आंकड़े से आगे निकल चुकी है और 150 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि टीएमसी 80 से 100 सीटों के बीच सिमटती दिख रही है। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी आगे चल रही हैं, वहीं नंदीग्राम में भी मुकाबला चर्चा में बना हुआ है। भाजपा नेताओं ने इसे बदलाव का जनादेश बताया है और सरकार बनाने का दावा किया है।
असम में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा जालुकबारी सीट से लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। राज्य में भाजपा और उसके सहयोगी दल मिलकर स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। पुडुचेरी में भी भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
तमिलनाडु में टीवीके ने 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर डीएमके और एआईडीएमके को पीछे छोड़ दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और विजय के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना जताई जा रही है।
केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ एलडीएफ से काफी आगे चल रहा है, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस दफ्तरों में जश्न का माहौल देखा जा रहा है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी राज्यों में मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर में बदलाव संभव है। फिलहाल रुझानों ने कई राज्यों में सियासी समीकरण बदल दिए हैं और देशभर की नजरें इन नतीजों पर टिकी हुई हैं।
