गोरखपुर
ग्लोरियस क्लासेज के छात्रों का बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन, 100% रिजल्ट से बढ़ाया मान
गोरखपुर। ग्लोरियस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित ग्लोरियस क्लासेज की दोनों शाखाओं प्रथम शाखा जंगल धूसड़ एवं द्वितीय शाखा पादरी बाजार, गोरखपुर के बोर्ड परीक्षार्थियों ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 100% परिणाम हासिल किया है। इस उपलब्धि से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
संस्था द्वारा सभी सफल छात्रों को सम्मानित किया गया। कक्षा 10 के छात्र विशाल कुशवाहा ने 91.3% अंक कक्षा 12 की छात्रा प्रीति (89%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल करते हुए संस्था का नाम रोशन किया। इसके अलावा सिमरन निषाद (88.3%), जानवी सिंह (85.5 %),अनु प्रजापति (87.6%),स्नेहा साहनी(82%), विकाश प्रजापति(80%) , संजना निषाद (78%), अमित निषाद (74%), आशीष रावत (73.66), अनन्या गुप्ता (73%), रूबी निषाद (72.5%), सहित अन्य छात्रों निशा , गीता, सलोनी, अजय, अनु, संध्या व प्रीति ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्था का गौरव बढ़ाया।
इस अवसर पर ग्लोरियस क्लासेज के डायरेक्टर विकास शर्मा ने कहा कि इस सफलता के पीछे सभी सहयोगी शिक्षकों का अथक परिश्रम, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने बताया कि संस्था में अधिकतर ग्रामीण पृष्ठभूमि के सामान्य एवं औसत स्तर के छात्र आते हैं, जिनमें से कई केवल पास होने की उम्मीद लेकर आते हैं। लेकिन सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से उन्हीं छात्रों को बेहतर अंक दिलाना संस्था का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि कमजोर छात्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, तो वे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। संस्था पिछले 10 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को विशेष सुविधाएं भी प्रदान कर रही है। सहयोगी शिक्षक धीरज निषाद, विश्राम, अखिलेश सिंह ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं अभिभावकों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि जब से विकास शर्मा सर ने क्षेत्र में शिक्षा का नेतृत्व संभाला है, तब से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ी है। अभिभावकों ने विकास शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि आगे भी इसी प्रकार बच्चों को मार्गदर्शन मिलता रहेगा। इस शानदार सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सही दिशा, समर्पण और मेहनत से कोई भी छात्र सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है।
