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वाराणसी

काशी में गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारीः श्री काशी विश्वनाथ धाम में पहुंची गंगा, तस्वीरों में देखें बाढ़ का आलम

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वाराणसी।गंगा के जल स्तर में बढ़ाव का क्रम जारी है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चारों तरफ जल ही जल नजर आ रहा है। आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। गंगा के जल स्तर में बढ़ाव का आलंम ये कि अब श्री काशी विश्वनाथ धाम और रामनगर के बंदरगाह में भी गंगा का जल प्रवेश कर चुका है। प्रति घंटे एक सेंटीमीट की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से 20 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।

खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर गंगा
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। काशी में सोमवार दोपहर 2 बजे तक गंगा का जलस्तर 72.5 मीटर तक पहुंच चुका था।

श्री काशी विश्वनाथ धाम में पहुंचीं गंगा, बंदरगाह में भी गंगा का प्रवेश
गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का आलम ये कि रविवार देर शाम मां गंगा ने जलासेन घाट स्थित गंगा द्वार के रास्ते श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश कर लिया। नतीजा ये कि पूरा रैंप गंगा जल में डूब गया। हालांकि अभी गंगा द्वार से दूर हैं गंगा। लेकिन जलासेन पथ से सटे प्रभु हनुमान जी की प्रतिमा के नीचे तक गंगा जल पहुंच गया है। उधर रामनगर स्थित बंदरगाह में भी गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। अस्सी घाट भी पूरी तरह से डूब चुका है। अस्सी-नगवां मार्ग पर नाव चलने लगी है।

दशाश्वमेध घाट से ऊपर चढ़ कर नालियों के जरिए सड़क तक पहुंचने लगा पानी
इधर मध्य शहर में दशाश्वमेध घाट से सीढ़ियों से ऊपर पहुंचीं गंगा का पानी नालियो के जरिए गलियों में पहुंचने लगा है। इससे कारोबारियों, दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं में हड़कंप मचा है। दुकानदार अपनी दुकानों से सामान हटाने लगे है।

अस्सी-नगवां मार्ग बंद
उधर अस्सी-नगवां मार्ग बंद हो गया है। सामनेघाट-रामनगर मार्ग पर कमर तक पानी भर गया है। सामनेघाट-मारुतिनगर सड़क पर गर्दन तक पानी है। गंगा का पानी असि नदी में पहुंचने से संकटमोचन मंदिर तक गंगा का पानी पहुंच गया है।

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शवयात्रियों की फजीहत
उधर मणिकर्णिका घाट पर शवदाह में अब भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शवदाह के प्लेटफार्म से कुछ ही नीचें हैं गंगा। ऐसे में स्थानाभाव के चलते शवयात्रियो को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में भी अंत्येष्टि में दिक्कत आने लगी है।

बाढ़ से 20 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव का सिलसिला जारी रहने से अब तक 20 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं। शहर से लेकर गांव तक चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। आलम ये कि शहरी क्षेत्र के 20 वार्ड के साथ 104 गांव बाढ़ से घिरे हैं। सात हजार से ज्यादा लोगों ने बाढ राहत शिविर में शरण ली है तो कुछ लोगों ने अपने नाते-रिश्तेदारों के यहां। कु अब तक जिले की तकरीबन 370.02 हेक्टेयर फसल पर प्रभाव पड़ा है।
धान और सब्जी की फसलें चौपट
धान और सब्जिी के खेतों में पानी भर गया है। इससे सब्जियां और धान की फसलें बाढ़ में डूबकर खराब होने लगी हैं। अब तक 260 हेक्टेयर से ज्यादा फसलों पर प्रभव पड़ा है।

वाराणसी-मिर्जापुर मार्ग पर पानी
बाढ का आलम ये कि वाराणसी-मिर्जापुर मार्ग पर पानी बहने लगा है। जिले के शहंशाहपुर में तकरीबन तीन किलोमीटर का क्षेत्र पानी में डूबा है। वहीं वाराणसी से मिर्जापुर जाना वाला मार्ग भी गंगा में डूब चुका है। इसके चलते आवागमन बंद कर दिया गया है।

राजघाट पुल पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी
राजघाट स्थित मालवीय पुल से गुजरने वाली ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई है। , इस पुल से अब गुजरते वक्त ट्रेनों की स्पीड केवल 10 किलोमीटर प्रति घंटे ही रहेगी। पुल पर लगे वाटर लेवल मेजरमेंट डिवाइस को एक्टिव कर दिया गया है।

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