गाजीपुर
राजकीय महिला अस्पताल बंद, जच्चा-बच्चा की सेहत पर मंडराया खतरा
सैदपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, गर्भवती महिलाएं बेहाल
सैदपुर (गाजीपुर) जयदेश। नगर पंचायत सैदपुर के वार्ड संख्या-12 इंद्रा नगर स्थित राजकीय महिला अस्पताल के बंद होने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराती नजर आ रही हैं। अस्पताल के बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को उठानी पड़ रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर युक्त सामूहिक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर तत्काल अस्पताल पुनः चालू कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह अस्पताल वर्षों से क्षेत्र की महिलाओं के लिए जीवनरेखा साबित होता रहा है, जहां सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध थीं। लेकिन भवन के जर्जर हो जाने के कारण मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर इसे बंद कर दिया गया और चिकित्सा स्टाफ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर में स्थानांतरित कर दिया गया।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए रेलवे क्रॉसिंग पार करनी पड़ती है, जहां अक्सर लंबा जाम लगा रहता है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिल पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे जच्चा-बच्चा के जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पताल का पुराना भवन अभी भी उपयोग के योग्य है, तो उसे अस्थायी रूप से चालू कर जनता को राहत क्यों नहीं दी जा रही है। लोगों का कहना है कि जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक पुराने भवन में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जानी चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से महिला अस्पताल को पुनः संचालित किया जाए, जर्जर भवन का नवनिर्माण कराया जाए और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पुराने भवन में सेवाएं शुरू की जाएं।
ज्ञापन सौंपने वालों में मनोनीत सभासद हरिशरण वर्मा, अशोक कांस्यकार, प्रतीक सोनकर, रमेश चौरसिया एवं शुभम कुमार मोदनवाल सहित दर्जनों क्षेत्रवासी शामिल रहे।
