गाजीपुर
पंक्ति में बैठे दिव्यांग के पास खुद चलकर पहुँचीं एसडीएम ज्योति चौरसिया, सुनी समस्या
सैदपुर (गाजीपुर) जयदेश। तहसील परिसर में जनसुनवाई के दौरान उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया का एक संवेदनशील चेहरा सामने आया। जनता दर्शन में फरियादियों की भीड़ के बीच एक दिव्यांग को परेशान देख एसडीएम अपनी कुर्सी छोड़कर खुद उसके पास जा पहुँचीं और समस्या के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
सैदपुर तहसील कार्यालय में रोजाना की तरह एसडीएम ज्योति चौरसिया जनसुनवाई कर रही थीं। इसी दौरान उनकी निगाह बाहर पंक्ति में बैठे एक दिव्यांग व्यक्ति पर पड़ी, जो काफी असहज और परेशान नजर आ रहा था। संवेदनशीलता दिखाते हुए एसडीएम तत्काल अपनी कुर्सी से उठीं और कार्यालय से बाहर आकर दिव्यांग के पास जमीन पर बैठकर उसकी समस्या सुनी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिव्यांग मुनीब चौहान की जमीन हाईवे निर्माण की जद में आ गई थी। मुनीब का कहना है कि, उन्हें जमीन का मुआवजा तो मिल चुका है, लेकिन उस पर बने मकान का मुआवजा अभी तक बकाया है। इसी समस्या को लेकर वह लंबे समय से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। आर्थिक तंगी और शारीरिक अक्षमता के कारण वह काफी हताश हो चुके थे।
एसडीएम ज्योति चौरसिया ने मुनीब चौहान के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और मुआवजा दिलाने का पूर्ण आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने वहां उपस्थित अन्य फरियादियों के प्रार्थना पत्र भी लिए और सभी को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा।
एसडीएम ने कहा, “प्रशासन का उद्देश्य जनता की सेवा करना है। विशेष रूप से दिव्यांग और बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों में अनावश्यक कष्ट न हो, यह हमारी प्राथमिकता है।” एसडीएम के इस ‘मातृवत’ व्यवहार और संवेदनशीलता की तहसील परिसर में मौजूद सभी लोगों ने सराहना की।
