वाराणसी
बैंक डकैती के तीन आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी। झारखंड के हजारीबाग जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा में 24 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई डकैती के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। वाराणसी में उत्तर प्रदेश एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार रात सारनाथ क्षेत्र से गिरोह के सरगना सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के नवादा निवासी गिरोह सरगना मो. अफजल, गोरखपुर निवासी पंकज सिंह उर्फ रौनक तथा मऊ निवासी सौरभ यादव के रूप में हुई है। इनके पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, छह मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने हजारीबाग की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों के गिरोह ने बीते नौ वर्षों में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर और कोलकाता, बिहार के पटना और गया तथा उत्तराखंड के रुड़की समेत विभिन्न शहरों में वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाते हुए 86 किलोग्राम से अधिक सोना लूटा है। लूटे गए सोने को बेचकर धनराशि रियल एस्टेट में निवेश की जाती थी। मामले में चार अन्य बदमाश अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में पेश किया, जहां से ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत होने के बाद उन्हें अपने साथ ले गई। एसटीएफ के मुताबिक 24 अप्रैल को सात बदमाशों ने हथियारों के बल पर बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर करीब चार किलोग्राम सोना और नकदी लूट ली थी। जांच के दौरान पूर्वांचल के बदमाशों की संलिप्तता सामने आने पर झारखंड पुलिस ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा था।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की गई। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह पहले बैंक और गोल्ड लोन कंपनियों की रेकी करता था और कम भीड़ तथा कमजोर सुरक्षा वाली शाखाओं को निशाना बनाता था। वारदात को अंजाम देने से पहले एक से दो महीने तक योजना बनाई जाती थी। हजारीबाग की घटना में भी बदमाश अलग-अलग वाहनों से पहुंचे, कर्मचारियों को कब्जे में लिया और लाकर व कैश काउंटर से सोना व नकदी लूटकर फरार हो गए।
इस गिरोह की एक पुरानी घटना का भी खुलासा हुआ है। वर्ष 2021 में कोलकाता के राजाराम तल्ला स्थित मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस शाखा में डकैती के दौरान बदमाश लाकर से 26 किलोग्राम सोना लेकर फरार हुए थे। हालांकि सोने के साथ बैग में गलती से जीपीएस डिवाइस भी चला गया, जिससे पुलिस ने शीघ्र ही घेराबंदी कर दी। मजबूरन बदमाशों को सोना और घटना में प्रयुक्त कार छोड़कर भागना पड़ा था।
