वाराणसी
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के साथ बढ़ी संभावनाएं, कंपनियां जमीन की तलाश में वाराणसी की ओर आकर्षित
PPP मॉडल से इंडोर खेलों को बढ़ावा
वाराणसी। वाराणसी अब शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। गंजारी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जुलाई 2026 तक आकार ले लेगा, जबकि डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का कायाकल्प हो चुका है। बीएचयू, यूपी कॉलेज और लालपुर स्थित मैदानों में हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ बिछाए जा चुके हैं, जहां युवा खिलाड़ी अभ्यास भी शुरू कर चुके हैं।
शहर में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में इंडोर गेम्स और छोटे आउटडोर खेलों के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। नगर निगम तरना फ्लाईओवर, जेपी मेहता और लालपुर स्टेडियम में बैडमिंटन, बास्केटबॉल और टेनिस के कोर्ट विकसित करने जा रहा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इसी क्रम में पीपीपी मॉडल पर रविंद्रपुरी, नदेसर तालाब और शास्त्रीघाट समेत अन्य स्थानों पर इंडोर खेलों के लिए मैदान विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में बाहरी कंपनियां निवेश करेंगी, जो न्यूनतम शुल्क पर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए अपनी आय का 20 प्रतिशत नगर निगम को कर के रूप में देंगी।
खेल क्षेत्र में निवेश को लेकर Reliance Industries समेत कई बड़ी कंपनियां भी वाराणसी में जमीन की तलाश में हैं, हालांकि अंतिम रूप अभी तय नहीं हुआ है। इसके साथ ही शहर के पार्कों में बच्चों के खेल संसाधनों को बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के अनुसार, वाराणसी में कई खेल परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और कई महत्वपूर्ण योजनाएं जल्द शुरू होने वाली हैं, जिससे शहर को एक बड़े खेल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
