वाराणसी
भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था चरमराई, पांच ट्रांसफॉर्मर जले
वाराणसी। जिले में भीषण गर्मी और उमस के बीच वाराणसी में बिजली व्यवस्था पर अभूतपूर्व दबाव देखने को मिल रहा है। पहली बार शहर में बिजली की खपत 903 मेगावाट तक पहुंच गई, जिससे विद्युत तंत्र चरम दबाव में आ गया। बढ़ते लोड का असर यह रहा कि शहर के अलग-अलग इलाकों में तकनीकी खराबियां लगातार सामने आने लगीं और पांच ट्रांसफॉर्मर जल गए। इससे कई क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
तकनीकी ट्रिपिंग के कारण शहर के कई इलाकों की बिजली अचानक गुल हो गई। आधी रात के बाद करीब चार घंटे तक बिजली बाधित रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज गर्मी और उमस के कारण घरों में लोग रातभर बेचैन रहे। बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति और अन्य जरूरी कार्य भी प्रभावित हुए। कई मोहल्लों में लोग घरों की छतों और गलियों में रात बिताने को मजबूर दिखे।
सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीमें सक्रिय हुईं और फॉल्ट खोजने का काम शुरू किया गया। देर रात से लेकर तड़के तक कर्मचारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर तकनीकी खराबियों को दूर करने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई, तब जाकर लोगों को राहत मिल सकी।
बढ़ती गर्मी के चलते एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अत्यधिक इस्तेमाल से शहर में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची खपत के कारण ट्रांसफॉर्मरों और लाइनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे तकनीकी फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाएं बढ़ी हैं।
शहर के कई इलाकों में लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली आने-जाने की शिकायतें भी सामने आईं। स्थानीय लोगों ने बिजली संकट को लेकर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि बढ़ते लोड को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है और खराब ट्रांसफॉर्मरों को बदलने के साथ आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
