पूर्वांचल
“स्कूल जाने से रोकने या सम्मान से जीने में बाधा उत्पन्न पर करें 1090 हेल्पलाइन पर संपर्क” : एसपी आदित्य लांग्हे
“महिलाएं अगर घर का कामकाज छोड़ दें, तो परिवार का संतुलन बिगड़ जाएगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि केवल महिलाएं ही जिम्मेदारी उठाएं। परिवार के पुरुष सदस्यों को भी भागीदारी निभानी चाहिए” : एसपी आदित्य लांग्हे
नौगढ़ (चंदौली)। महिला कल्याण विभाग और ग्राम्या संस्थान के तत्वावधान में महिला हिंसा विरोध पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को तेंदुआ गांव से साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) आदित्य लांग्हे ने किशोरियों को जागरूकता का संदेश दिया।
महिला सशक्तिकरण और अधिकारों पर जोर
एसपी आदित्य लांग्हे ने किशोरियों को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का महत्व समझाया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
उन्होंने मिशन शक्ति अभियान की जानकारी देते हुए कहा, “अगर कोई आपको स्कूल जाने से रोकता है या सम्मान से जीने में बाधा डालता है, तो 1090 हेल्पलाइन पर कॉल करें। यह सेवा गोपनीय है और आपकी पहचान सुरक्षित रखी जाती है।”

महिलाओं की भूमिका और जिम्मेदारी साझा करने की अपील
एसपी ने समाज और परिवार में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “महिलाएं अगर घर का कामकाज छोड़ दें, तो परिवार का संतुलन बिगड़ जाएगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि केवल महिलाएं ही जिम्मेदारी उठाएं। परिवार के पुरुष सदस्यों को भी भागीदारी निभानी चाहिए।”
आत्मनिर्भर बनने का संदेश
उन्होंने किशोरियों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें। अच्छे कपड़े पहनना या सजना-संवरना बुरा नहीं है, लेकिन आत्मनिर्भरता सबसे जरूरी है।”
छेड़खानी और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाएं
छेड़खानी या हिंसा का सामना करने पर एसपी ने किशोरियों को 1090 हेल्पलाइन और महिला कांस्टेबल की मदद लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “अगर कोई परेशान करता है, तो नजरअंदाज न करें। एक कदम आप बढ़ाइए, चार कदम हम बढ़ाएंगे।”

ओटीपी का मतलब और डिजिटल सीमाएं
एसपी ने कार्यक्रम में ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) का फुल फॉर्म पूछकर डिजिटल ज्ञान पर जोर दिया। उन्होंने किशोरियों को फोन के सीमित और सुरक्षित उपयोग की सलाह दी।
कार्यक्रम में एसडीएम कुंदन राज कपूर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी किशन समेत अन्य अधिकारियों ने किशोरियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और शिक्षा के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी।
संस्थान का आभार प्रदर्शन
संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से समाज में सकारात्मक बदलाव आएंगे। कार्यक्रम ने किशोरियों को जागरूक और प्रेरित किया, जिससे वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग हुईं।
