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महाकुंभ 2025 : काशी-प्रयाग और अयोध्या के बीच ट्रेनों की बनेगी त्रिकोणीय व्यवस्था
रेलवे की तैयारियां अंतिम चरण में
वाराणसी। महाकुंभ के दौरान राज्य सरकार द्वारा अनुमानित साढ़े सात करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए रेलवे की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के बीच ट्रेनों की त्रिकोणीय व्यवस्था बनाई गई है जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
महाकुंभ में अयोध्या और काशी के रास्ते श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को मजबूती दी जा रही है। रेलवे बोर्ड के सदस्य ऑपरेशन एंड बिजनेस डेवलपमेंट, रविंद्र गोयल ने शुक्रवार को कैंट स्टेशन का निरीक्षण करते हुए यह जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पावर केबिन, वॉशिंग लाइन, रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर का जायजा लिया।
साथ ही यार्ड रीमॉडलिंग और संरक्षा प्रणाली की स्थिति का भी मूल्यांकन किया।उन्होंने महिला स्टेशन मास्टर चंद्रमणि कुमारी की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए नकद इनाम देकर उन्हें प्रोत्साहित किया। गोयल ने बताया कि वाराणसी कैंट स्टेशन को फुटफॉल और टिकट-फ्रेट की आय के आधार पर एनएसजी-1 श्रेणी में शामिल किया गया है।
यह उत्तर रेलवे जोन में उत्तर प्रदेश का पहला स्टेशन है जिसने 500 करोड़ की आय का आंकड़ा छुआ है।यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में चार जनरल कोच अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे।
वहीं ओडीओपी योजना के तहत स्टॉल की अवधि को तीन महीने तक बढ़ा दिया गया है। निरीक्षण के दौरान डीआरएम एसएस शर्मा, एडीआरएम लालजी चौधरी और स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता भी मौजूद थे।
