वायरल
एसओ ने नहीं दी सिपाही को छुट्टी, उपचार न मिलने से जच्चा-बच्चा की मौत
सोशल मीडिया यूजर्स ने एसओ अर्जुन सिंह को बर्खास्त करने की एएसपी से की मांग
जालौन। शहर के रामपुरा थाना क्षेत्र में एसओ के हिटलरशाही और घमंडी रवैये ने सिपाही के पत्नी और नवजात की जान ले ली। दरअसल, सिपाही कई दिनों से अपनी पत्नी का प्रसव अच्छी जगह करवाने के लिए छुट्टी मांग रहा था। लेकिन एसओ ने छुट्टी नहीं दी और सिपाही की पत्नी को समय पर उपचार नहीं मिल सका। इसके कारणवश जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।
अगर एसओ, रामपुरा अर्जुन सिंह छुट्टी दे देते, तो गर्भवती पत्नी का प्रसव कराने के सिपाही विकास पहले ही बड़े शहर ले जाता। सिपाही विकास ने एसओ अर्जुन सिंह की शिकायत एसपी से की है। एएसपी असीम चौधरी ने कहा कि विभागीय जांच में थानाध्यक्ष दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स ने एसओ को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, पत्नी के प्रेग्नेंट होने के चलते विकास अक्सर पत्नी की देखरेख और अस्पताल में दिखने के लिए छुट्टी लेकर घर जाया करता था। वह पत्नी का इलाज आगरा में करवा रहा था। डिलीवरी के लिए भी उसे पत्नी को आगरा में ही भर्ती करवाना था। ज्योति की डिलीवरी का समय नजदीक था। 1 महीने पहले विकास ने पत्नी का चेकअप करवाया था। इसके बाद वह वापस ड्यूटी पर जालौन लौट आया था।
शुक्रवार को पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। विकास ने तत्काल थाना अध्यक्ष अर्जुन सिंह को एप्लिकेशन दी कि उसे पत्नी अस्पताल में दिखाने के लिए घर जाना है।मगर थाना अध्यक्ष ने एप्लिकेशन रिजेक्ट कर दी और कहा कि तुम बहुत छुट्टियां ले चुके हो। इस बात पर विकास बहुत निराश हो गया। उसने घरवालों को फोन किया। कहा- तत्काल पत्नी को लेकर अस्पताल जाइए। इसके बाद मैनपुरी में उसके घरवाले पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे।डॉक्टरों ने महिला का ट्रीटमेंट शुरू किया। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन दोनों की तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए दोनों को आगरा रेफर कर दिया गया। परिवार वाले महिला और नवजात को एम्बुलेंस से लेकर आगरा के लिए निकले, मगर रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। विकास की पत्नी की यह पहली डिलीवरी थी।
