वायरल
रेलवे की स्थिति बदतर, 28 घंटे के सफर में यात्रियों ने टॉयलेट में बैठकर पूरी की दूरी
वाराणसी। वर्तमान समय में भारतीय रेलवे की हालत एकदम खस्ताहाल हो गई है। भले ही वंदे भारत ट्रेन के आने से रेलवे का नवीनीकरण हो रहा है लेकिन महंगे टिकट होने के बावजूद लोग स्लीपर और जनरल टिकट को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे को ट्रेनों में अलग से डिब्बे लगाने की व्यवस्था करनी चाहिए। फिर भी रेलवे की स्थिति सुधरी नहीं है। बाकी ट्रेन की लेट लतीफी से हर एक यात्री वाकिफ है।

ताजा मामला सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस में स्लीपर कोच का है जहां यात्रियों ने ट्रेन के फर्श और टॉयलेट में बैठकर सिकंदराबाद से वाराणसी तक की यात्रा की। यहां तक की कंफर्म टिकट वालों को भी इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। यह हाल सिर्फ सिकंदराबाद दानापुर एक्सप्रेस का ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की अन्य ट्रेनों का भी है।
नवरात्रि, छठ पूजा, दिवाली जैसे त्योहारों पर यात्रियों की हालत और भी बदहाल हो जाती है। भीड़ इतनी होती है कि यह यात्री कंफर्म टिकट न होने के बावजूद एसी क्लास तक में सफर कर लेते हैं क्योंकि इनकी संख्या हजारों में होती है और टिकट कलेक्टर के लिए सभी यात्रियों का टिकट चेक करना नामुमकिन हो जाता है। एक बार जो कोच में सवार हो गए तो वह बाहर नहीं निकल सकतें।
