सियासत
इंडिया घटक दलों के मुंबई में जुटने से सियासी हलचल तेज
भारत जोड़ो यात्रा खत्म होने के बाद सबकी नज़रें राहुल गांधी के अगले कदम पर
मुंबई। इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सभी दिग्गज नेताओं के रविवार को मुंबई में मिलने से सियासी हलचल तेज हो गई। घटक दलों के नेताओं ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के समापन पर अपनी एकजुटता दिखाते हुए वर्तमान लोकसभा के चुनाव में एनडीए के सामने कड़ी चुनौती पेश करने का ऐलान कर दिया। पिछले कुछ दिनों से इंडिया गठबंधन के दलों में सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान की स्थिति थी, लेकिन चुनाव का समय ज्यों-ज्यों नजदीक आता गया त्यों-त्यों उनमें एकता होने लगी। अब धीरे-धीरे सभी दलों ने अपनी सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा शुरू कर दी है। कांग्रेस भी इसमें आगे चल रही है। तृणमूल कांग्रेस ने कीर्ति आजाद तथा यूसुफ पठान पर दांव खेला है। यूसुफ पठान और कीर्ति आजाद दोनों क्रिकेटर रहे हैं और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए भी विख्यात रहे हैं। देखना यह है कि सियासी पिच पर वह कितना तहलका मचा पाते हैं।
दूसरी तरफ एनडीए गठबंधन के घटक दल भी दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऐलान कर रहे हैं कि, ‘अबकी बार 400 पार’। इसके अलावा उन्होंने अपने मंत्रियों को 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड भी पेश करने का निर्देश दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है सभी मंत्री एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान अभी से 100 दिन के कार्यों का अपना खाता तैयार कर लें। बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने के बाद से कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल में बेचैनी है। एक अन्य दल लोजपा के नेता चिराग पासवान कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिल चुके हैं और यह स्पष्ट है कि वह एनडीए में ही घटक दल के रूप में शामिल रहेंगे।
एनडीए गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दक्षिण भारतीय राज्यों में जीत हासिल करने की है। देखना यह है कि, इस बार क्या गुल खिलता है ? एनडीए को पूरी उम्मीद है जब से भगवान राम का भव्य मंदिर अयोध्या में बनकर तैयार हुआ है और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है तब से देश की जनता का उन पर विश्वास मजबूत हुआ है। इससे पहले उन्होंने जो जो कहा था वह पूरा किया। धारा 370 और 354 हटाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर बनने के बाद इसका लोकार्पण किया। उसके बाद अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए आयोजित समारोह में शामिल हुए। देश के अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गज भी इस समारोह में शामिल हुए थें। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही पूरे देश के श्रद्धालुओं का अयोध्या जाने का तांता लगा हुआ है। इसका भी चुनाव पर असर पड़ेगा।
