वाराणसी
किसानों और उपभोक्ताओं पर बढ़ते बोझ के खिलाफ आप का प्रदर्शन
वाराणसी। आम आदमी पार्टी, जिला वाराणसी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल के नेतृत्व में चौकाघाट स्थित नगरीय विद्युत वितरण उपखंड द्वितीय पर स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान महामहिम राज्यपाल महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी वाराणसी के प्रतिनिधि एस.डी.ओ. विद्युत के माध्यम से भेजा गया।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता का व्यापक आर्थिक शोषण किया जा रहा है। मनमाने बिजली बिल, गलत रीडिंग, अत्यधिक दरों और तकनीकी खामियों के कारण लाखों उपभोक्ता परेशान हैं, जिससे जनाक्रोश लगातार बढ़ रहा है।जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल ने कहा कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सुविधा देने के बजाय उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं।
उनका कहना था कि पहले जहां लगभग 1500 रुपये तक बिजली बिल आता था, वहीं अब वही बिल बढ़कर 6000 से 7000 रुपये तक पहुंच रहा है। प्रीपेड मीटर व्यवस्था में उपभोक्ताओं से अग्रिम भुगतान लेने के बावजूद 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जो पूरी व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगाए गए लगभग 80 लाख स्मार्ट मीटरों में करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं, जिनके माध्यम से आम जनता पर जबरन आर्थिक दबाव डाला जा रहा है। इन मीटरों की कार्यप्रणाली, रीडिंग की सटीकता और बिलिंग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे यह व्यवस्था पारदर्शी होने के बजाय शोषण का माध्यम बनती दिखाई दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में नलकूपों पर 4जी सिम आधारित स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई है, लेकिन अत्यधिक बिजली बिल और कनेक्टिविटी समस्याओं के कारण किसानों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी से मीटर की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, जिससे सिंचाई बाधित हो रही है और किसानों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
यह स्थिति कृषि क्षेत्र के लिए चिंताजनक है।प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच एक ओर बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्रीपेड स्मार्ट मीटर की खामियों ने आम नागरिकों की समस्याएं और बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर लोगों के जीवन स्तर, दैनिक जरूरतों और आर्थिक स्थिरता पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी योजना लागू करने से पहले न तो पर्याप्त जनजागरूकता अभियान चलाया गया और न ही किसी स्वतंत्र तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन को सार्वजनिक किया गया।
बिना पारदर्शिता और जवाबदेही के इस प्रकार की व्यवस्था लागू करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर की प्रतीकात्मक तस्वीरें जलाकर विरोध दर्ज कराया और इसे जनविरोधी व्यवस्था बताया। साथ ही राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही लूट को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, परियोजना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा आम उपभोक्ताओं और किसानों को राहत देने के लिए पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जाए।
प्रदर्शन में घनश्याम पांडे, मनीष गुप्ता, रेखा जायसवाल, देवकांत वर्मा, शारदा टंडन, डॉक्टर अहिल्या, मोहिनी महेंद्र, विनोद जायसवाल, गुलाब सिंह राठौड़, सरोज शर्मा, अर्चना श्रीवास्तव, सतीश पटेल, विनोद कुमार कुशवाहा, कन्हैयालाल मिश्र, जय किशन पटेल, निलेश कुमार सिंह, नियाज अहमद, शाहनवाज खान, मोहम्मद कुड्डूस, शिवदयाल खरवार, छेदी लाल, बदरुद्दीन, सौरभ यादव, रामेश्वरी सोनकर, अखिलेश कुमार पांडे, रमेश कुमार पटेल, प्रियंका कुमारी, शकुंतला देवी, कांता प्रसाद, मंजू पटेल, कुसुम पटेल, खुशी देवी, गीता श्रीवास्तव, स्मिता कुमारी, प्रिया पटेल, अंकित कुमार, राम सूरत यादव, ओम कुमार, धनंजय सिंह और नागेंद्र गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
