चन्दौली
धान क्रय केंद्र में बिचौलियों का बोलबाला, किसान परेशान, अधिकारी निष्क्रिय
चंदौली। एक तरफ प्रदेश की योगी सरकार किसने की आय दोगुना करने और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किए जाने का निर्देश उच्च अधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री के आदेश जनपद चंदौली में हवा-हवाई साबित हो रहा है। जनपद स्तरीय अधिकारी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजों पर कोरमपूर्ति कर रहे हैं। इसके कारण जनपद के किसान परेशान है। जबकि जनपद चंदौली धान के कटोरा के नाम से विख्यात है।
बताते चलें कि, विगत दिनों जनपद में स्थापित धान क्रय केंद्र पर किसानों द्वारा अनियमितता बरते जाने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी। किसानों की शिकायत पर एडीएम सहित अन्य अधिकारियों द्वारा जांच की गई। जांच में शिकायत सत्य पाई गई। तत्पश्चात एडीएम ने किसानों को कार्यवाही का आश्वासन दिया। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आज तक कागजी कार्रवाई के सिवा कुछ नहीं किया गया।
ज्ञात हो कि, जनपद में स्थापित धान के केंद्रो पर बिचौलिया हावी है। मझवार गांव निवासी संजय कुमार मिश्रा ने विगत दिनों धान का केंद्र पर हो रही घाल मेल की लिखित शिकायत एडीएम सुरेंद्र सिंह से की थी। इस पर एडीएम के नेतृत्व में खाद्य विपणन अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों की टीम गठित कर विगत 31 दिसंबर को एम आर यूपी एग्रो इंडस्ट्रीज बिशनपुर से भारी मात्रा में धन और चावल बरामद किया गया। वहीं आर्य राइस मिल मैढी से लगभग चालीस हजार बोरी व गोपनीय सरकारी दस्तावेज बरामद हुआ। जबकि उक्त राइस मिल पर सरकार का पूर्व में भी बकाया चल रहा है। इसको लेकर नोटिस भी जारी किया गया है।
इतना ही नहीं सहकारी खाद्य नियंत्रक द्वारा उक्त राइस मिल को ब्लैक लिस्टेड घोषित किया गया है। राइस मिल पर सरकारी कागज और भारी मात्रा में धन पाया जाना अधिकारियों की मिली भगत को शत प्रतिशत दर्शाता है। इसके बाद भी आज तक उच्च अधिकारियों द्वारा सिर्फ कागजी कार्रवाई पूरी कर मामले को ठंडे बस्ती में डाल दिया गया।
संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने जिलाधिकारी सहित उच्च अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
