चन्दौली
गणित किट और नवाचारी शिक्षण विधियों पर एक दिवसीय फॉलोअप कार्यक्रम संपन्न
सकलडीहा (चंदौली)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सकलडीहा, चंदौली के न्यू ऑडिटोरियम हॉल में शुक्रवार को गणित की नवाचारी शिक्षण विधियों और गणित किट के प्रयोग के लिए एक दिवसीय फॉलोअप कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम डायट के प्राचार्य विकायल भारती की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में प्रशिक्षण प्रभारी और डायट प्रवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए शिक्षकों को नवाचारी शिक्षण विधियों के महत्व और उनके प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला।
शिक्षकों की सहभागिता
कार्यक्रम में चकिया, धानापुर, बरहनी, चहनियां और सदर-चंदौली विकासखंड से कक्षा 3 से 5 तक गणित पढ़ाने वाले शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को गणित शिक्षण में नवीन विधियों का उपयोग और गणित किट की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।
प्रशिक्षण का आयोजन और विषयवस्तु
संदर्भदाता रामाज्ञा शर्मा ने नवाचारी शिक्षण विधियों के लाभ और उनकी उपयोगिता पर जानकारी दी। इंदु श्रीवास्तव ने गणित शिक्षण सामग्री का परिचय दिया, जबकि कुँवर कलाधर ने गणित किट के प्रयोग की विस्तृत जानकारी साझा की। शिक्षकों को इन विधियों और सामग्रियों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया गया, ताकि छात्रों के लिए गणित को सरल और रोचक बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने चार्ट पेपर पर अपने-अपने शिक्षण विधियों को अंकित कर उसका प्रस्तुतीकरण किया। इसके अलावा, उन्होंने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य और अधिक प्रभावी हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डायट के प्राचार्य विकायल भारती और प्रवक्ता संतोष कुमार गुप्ता, केदार सिंह यादव, डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रवीण राय, डॉ. रामानंद कुमार, जयंत यादव, हरिवंश यादव, डॉ. अजहर सईद, बिजेंद्र भारती ने सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि नवाचारी शिक्षण विधियां और गणित किट के उपयोग से न केवल छात्रों की गणितीय समझ में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों की शिक्षण शैली भी अधिक प्रभावी बनेगी। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य विकायल भारती ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
