चन्दौली
तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में कीमती आभूषण बरामद
चंदौली (जयदेश)। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में जिले में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बलुआ थाना और एसओजी टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने बावरिया गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में कीमती आभूषण, नकदी और चोरी के उपकरण बरामद किया।
थानाध्यक्ष बलुआ डॉ. आशीष कुमार मिश्र और एसओजी प्रभारी आशीष मिश्र अपनी टीम के साथ चहनिया चौराहे पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि बावरिया गिरोह के कुछ सदस्य डाक बंगला मथेला के पास गेहूं के खेत में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में छिपे हुए हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की।
पुलिस को देखकर बदमाश भागने लगे। चेतावनी के बावजूद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया, जिसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। घायल बदमाश की पहचान धारा सिंह (निवासी भोजपुर, बदायूं) के रूप में हुई। दो अन्य बदमाश भगीरथ (निवासी औरैया) और सुनील (निवासी बदायूं) को भी गिरफ्तार किया गया।

तीनों बदमाशों से कुल तीन तमंचे, जिंदा कारतूस, 5000 रुपये नकद, और बड़ी मात्रा में चांदी व सोने के आभूषण बरामद किए गए। इनके पास से चोरी के औजार जैसे हथौड़ा, रेती, पेंचकस और पाइप भी मिले।
बरामद आभूषणों में चांदी की 12 जोड़ी पायल, चेन, कड़ा, अंगूठी, कमरबंद और अन्य सामान शामिल है। बदमाशों ने बताया कि वे दिन में कंबल बेचने के बहाने दुकानों की रेकी करते थे और रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
कई चोरी की घटनाओं का हुआ खुलासा
पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 7 जनवरी को चंदौली और गाजीपुर जिले के भीमापार बाजार में, 11 जनवरी को मजिदहा बाजार में और 12 जनवरी को मोहरगंज बाजार में गहनों की दुकानों में सेंधमारी की थी। चोरी किए गए सामान को वे आपस में बांटने के लिए इकट्ठा हुए थे।
बदमाशों ने अपने अन्य साथियों के नाम भी बताया, जो अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
इस कार्रवाई में बलुआ थानाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार मिश्र, एसओजी प्रभारी आशीष मिश्र, चौकी प्रभारी तरुण पांडेय, अमरनाथ साहनी, अनिल यादव और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम की मुस्तैदी से जिले में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं।
