गाजीपुर
बहरियाबाद में ‘एक्यूप्रेशर एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति’ पर विचार गोष्ठी संपन्न
गाजीपुर। बहरियाबाद के कर्बला नगर में एक्यूप्रेशर और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति पर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर जयदेश संवाददाता डॉक्टर मुमताज़ अहमद को अमूल्या के द्वारा एक डायरी सप्रेम भेंट की गई।
ग्लोबल सोसाइटी ऑफ आयुष का महत्व
गोष्ठी में अल्ताफ हुसैन अंसारी ने बताया कि ‘ग्लोबल सोसाइटी ऑफ आयुष’ भारत सरकार द्वारा पंजीकृत एक शैक्षिक सोसाइटी है। यह संस्था आयुर्वेदिक और एक्यूप्रेशर आधारित स्वास्थ्य देखभाल पाठ्यक्रमों के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करती है। स्वास्थ्य सेवा उद्योग में लोगों को रोजगार के आकर्षक अवसर प्रदान कर रही है।
एक्यूप्रेशर चिकित्सा: एक प्राचीन उपचार पद्धति
डॉक्टर अंसारी ने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा परंपराओं में सबसे पुराना और विकसित है, जो विश्व की सभ्यताओं में प्रचलित था। उन्होंने बताया कि छठी ईसा पूर्व में बौद्ध भिक्षुकों के माध्यम से एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति चीन, जापान, कोरिया, श्रीलंका जैसे देशों में फैल चुकी थी।
एक्यूप्रेशर, मर्म-दाब थेरेपी के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों पर दबाव डाला जाता है। यह पद्धति मांसपेशियों के तनाव को कम करने, दर्द में राहत प्रदान करने, और गर्दन दर्द, पेट दर्द, सिरदर्द, अनिद्रा जैसी अनेक समस्याओं के उपचार में प्रभावी है।
उन्होंने कहा कि एक्यूप्रेशर के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर बेरोजगार युवक अपने करियर को संवार सकते हैं। इस पद्धति के माध्यम से वे स्वास्थ्य सेवा उद्योग में आकर्षक रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर राधेश्याम केसरी, नैयर सामदनी, दीपक कुमार केसरी, राकेश कुमार राजभर, हिंदलाल राम, यशवंत कुमार, संजय कुमार, शिव बदन त्यागी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
