मनोरंजन
51 साल बाद भी कल्ट है फिरोज खान की ‘धर्मात्मा’, 105 दिन तक थिएटर में चली
नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक फिरोज खान की 27 अप्रैल 2009 को पुण्यतिथि है। इस अवसर पर उनकी उस सुपरहिट फिल्म की चर्चा फिर से हो रही है, जिसने 51 साल पहले बॉलीवुड में एक नई पहचान बनाई थी। यह फिल्म थी धर्मात्मा, जिसे आज भी उनके करियर की सबसे शानदार फिल्मों में गिना जाता है।
फिरोज खान ने वर्ष 1960 में फिल्म घर की लाज से बतौर लीड एक्टर हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। हालांकि, पहली बड़ी सफलता उन्हें ऊंचे लोग (1965) से मिली। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन जिस फिल्म ने उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता दिलाई, वह धर्मात्मा रही।
साल 1975 में रिलीज हुई धर्मात्मा में फिरोज खान ने निर्माता, निर्देशक और अभिनेता—तीनों जिम्मेदारियां निभाईं। इससे पहले फिल्म अपराध की सफलता के बाद उन्होंने इस फिल्म में भी अपनी प्रतिभा का दम दिखाया।
हेमा मालिनी, रेखा, डैनी डेन्जोंगपा और प्रेम नाथ जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी इस फिल्म ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। आईएमडीबी की रिपोर्ट के अनुसार, धर्मात्मा दिल्ली के लिबर्टी सिनेमा में लगातार 15 हफ्तों तक चली, यानी करीब 105 दिनों तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करती रही।
कमर्शियल तौर पर भी यह फिल्म बेहद सफल साबित हुई। करीब तीन महीनों तक धर्मात्मा वर्ष 1975 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में शामिल रही। हालांकि, 15 अगस्त 1975 को शोले और जय संतोषी मां जैसी फिल्मों की रिलीज के बाद इसकी स्थिति थोड़ी नीचे आ गई।
बताया जाता है कि धर्मात्मा हॉलीवुड की ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म गॉडफादर से प्रेरित थी। माना जाता है कि फिरोज खान ने इस फिल्म के जरिए भारतीय दर्शकों को गॉडफादर का हिंदी रूप दिखाने की कोशिश की थी। यही कारण है कि आज भी धर्मात्मा को हिंदी सिनेमा की कल्ट फिल्मों में गिना जाता है।
