वाराणसी
कनाडाई दंपति ने वैदिक रीति से रचाया विवाह, गंगा तट बना मंडप
वाराणसी। काशी में एक कनाडाई दंपति ने सनातन परंपरा के अनुसार वैदिक रीति-रिवाजों के बीच गंगा तट पर विवाह संस्कार संपन्न किया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजित इस समारोह में दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन को सनातन परंपरा के अनुरूप दोहराया। कपल ने कहा कि उनकी सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में गहरी आस्था है तथा भारत में इस तरह विवाह करना उनके लिए एक विशेष और आध्यात्मिक अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करना उनका लंबे समय से सपना था, जो काशी में आकर पूरा हो गया।
विवाह समारोह के दौरान दूल्हा-दुल्हन भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। दूल्हे यानिक ने धोती-कुर्ता और साफा धारण किया था, जबकि दुल्हन मानों लाल साड़ी और पारंपरिक आभूषणों में सजी हुई थीं। गंगा तट पर वैदिक मंत्रों के बीच विधि-विधान के साथ विवाह की सभी रस्में संपन्न कराई गईं।
शादी के दौरान वाराणसी के मार्टिन भी विदेशी कपल के साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि यानिक और मानों लगभग पांच वर्ष पहले कनाडा में विवाह कर चुके हैं और दोनों की सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी श्रद्धा है।
मार्टिन के अनुसार करीब एक महीने पहले यानिक ने उन्हें फोन कर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उन्होंने उन्हें काशी आने का निमंत्रण दिया। काशी पहुंचने के बाद गंगा में नाव पर ही विवाह समारोह की पूरी व्यवस्था की गई।
वाराणसी पहुंचने के बाद यानिक और मानों ने अपने लिए यहीं से पारंपरिक वस्त्र खरीदे। पंडित से मुहूर्त निकलवाया गया तो 10 मार्च की तिथि शुभ बताई गई। निर्धारित मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सनातन परंपरा के अनुसार विवाह संस्कार संपन्न किया।
यानिक और मानों दोनों पेशे से हेयर स्टाइलिस्ट हैं और कनाडा में सैलून संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि शादी से पहले ही दोनों एक-दूसरे को जानते थे। एक ही पेशे से जुड़े होने के कारण दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वर्ष 2025 में उन्होंने विवाह कर लिया।
मार्टिन ने बताया कि इस कपल के विवाह से जुड़े सभी कार्यक्रमों का आयोजन करने का अवसर उन्हें मिला। विवाह के संस्कार, पूजा-पाठ और मुख्य उत्सवों का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान और खुशी की बात रही।
