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ज्ञानेश्वर स्तूप बनेगा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का नया आकर्षण
म्यांमार सरकार व विश्वभर के श्रद्धालुओं के सहयोग से बनेगा ज्ञानेश्वर स्तूप
कुशीनगर। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर स्थित म्यांमार बुद्ध मंदिर परिसर में प्रस्तावित ज्ञानेश्वर स्तूप आने वाले समय में पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरेगा। इस स्तूप की रूपरेखा म्यांमार के आर्किटेक्ट द्वारा तैयार की गई है, जबकि इसके निर्माण का कार्य म्यांमार के ही कारीगर करेंगे। तैयार होने के बाद यह स्तूप म्यांमार की विशिष्ट स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
म्यांमार सरकार ने दो वर्ष पूर्व एबी ज्ञानेश्वर को अभिधजा महारथा गुरु जैसी प्रतिष्ठित धार्मिक उपाधि से सम्मानित किया था। विश्व के अधिकांश बौद्ध देशों में उनके अनुयायी मौजूद हैं, जो कुशीनगर पहुंचकर ज्ञानेश्वर स्तूप के दर्शन और पूजन-वंदन करेंगे। स्तूप के निर्माण पर आने वाला व्यय म्यांमार सरकार तथा विश्वभर के श्रद्धालुओं के सहयोग से वहन किया जाएगा। इस स्तूप का शिलान्यास 24 दिसंबर को म्यांमार के संघराजा भिक्षु डॉ. नैनीसारा द्वारा किया गया था।
म्यांमार बुद्ध मंदिर के प्रभारी भिक्षु नंदका ने बताया कि एबी ज्ञानेश्वर ने अपने निर्वाण से पूर्व यह इच्छा व्यक्त की थी कि उनका अंतिम संस्कार बुद्ध मंदिर परिसर में ही किया जाए। कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष रह चुके एबी ज्ञानेश्वर का निधन बीते 31 अक्टूबर को लखनऊ में हुआ था, जबकि उनका अंतिम संस्कार 11 नवंबर को म्यांमार बुद्ध मंदिर कुशीनगर परिसर में संपन्न कराया गया।
