वाराणसी
कल्याण सिंह की जयंती पर गूंजा राम मंदिर आंदोलन का इतिहास, भाजपा नेताओं ने किया स्मरण
वाराणसी। सोमवार को अपराह्न 2 बजे नयी सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज परिसर में भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा, काशी क्षेत्र की ओर से राममंदिर आंदोलन के नायक और देश के पिछड़ा वर्ग के शीर्ष नेता, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबू कल्याण सिंह की 94वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनूप जायसवाल के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सर्वप्रथम स्वर्गीय बाबू कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि और श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने राममंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों के समर्थन में उनके साहसिक निर्णयों और अद्भुत नेतृत्व क्षमता को स्मरण करते हुए भावुक शब्दों में उनके योगदान को याद किया।
अनूप जायसवाल ने कहा कि राममंदिर आंदोलन के लिए जिस निर्भीकता के साथ स्वर्गीय कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री पद को त्यागने का निर्णय लिया, वह भारतीय राजनीति में एक मिसाल है। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा था कि राममंदिर के लिए वे सौ बार भी मुख्यमंत्री की कुर्सी को ठोकर मार सकते हैं। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर उन्हीं के दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनके शासनकाल को लोग प्रदेश को रामराज्य की दिशा में ले जाने वाले सुशासन के रूप में याद करते हैं। अपराध और आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश में एसटीएफ का गठन भी उनकी ही देन बताया गया, साथ ही उनके द्वारा किए गए अनेक जनहितकारी कार्यों को उपस्थित लोगों ने स्मरण किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा नेता ओम प्रकाश यादव “बाबू” रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व पिछड़ा मोर्चा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनूप जायसवाल ने किया, जबकि संचालन धीरेंद्र शर्मा ने और धन्यवाद ज्ञापन मनीष चौरसिया ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. सोहनलाल आर्य, लालजी गुप्ता, आदित्य गोयनका, कन्हैया लाल सेठ, सुनील कन्नौजिया एडवोकेट, सिद्धनाथ गौड अलगू, निर्मल मिश्रा, चन्दन केसरी, प्रदीप जायसवाल, गोपाल जी गुप्ता, धरमचंद, राहुल सेठ, रोहित सेठ, प्रकाश गुप्ता, अंशु खरवार, बनारसी जी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
