वाराणसी
वीडीए की मनमानी से त्रस्त किसानों का फूटा गुस्सा, राघवेन्द्र चौबे से माँगा सहयोग
वाराणसी। किसानों/कालोनाइज़रों व वाराणसी विकास प्राधिकरण से त्रस्त लोगों का प्रतिनिधि मंडल वाराणसी कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे से मुलाकात कर विकास प्राधिकरण में हो रही दिक्कतों के संदर्भ में लड़ाई लड़ने हेतु सहयोग मांगा। प्रतिनिधि मंडल ने वीडीए पर आरोप लगाते हुए राघवेन्द्र चौबे को बताया कि वाराणसी विकास प्राधिकरण में लोगों का शोषण हो रहा है। नए टाउन प्लानर के आने के बाद से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ये लोग अपने लिए खूब घूसखोरी कर रहे हैं और प्रत्येक ग्रुप हाउसिंग पर प्रति फ्लैट 10 हजार रुपये की घूस दबाव बनाकर ले रहे हैं। इसमें जे.ई., जोनल और टाउन प्लानर की मिलीभगत है। टाउन प्लानर, जोनल और जे.ई. की भूमिका संदिग्ध है।
वीडीए की मनमानी को लेकर आम जनता में बहुत गुस्सा है। जिन किसानों के पास छोटी जमीन है, वे क्या करेंगे, कैसे अपने बच्चों को पढ़ाएंगे, कैसे इलाज कराएंगे, कैसे बहन-बेटी की शादी करेंगे? इनके हिसाब से अगर वे रोड छोड़ते हैं तो उनकी जमीन बच ही नहीं पाएगी। किसानों को मरने पर मजबूर किया जा रहा है।
वाराणसी में कोई उद्योग नहीं है, कोई रोजगार का साधन नहीं है। यहां पर अधिकांश लोग जो अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए आते हैं, वे जमीन के काम से जुड़ जाते हैं और जमीन बेचने पर उन्हें कुछ मिल जाता है।
वीडीए का सारा फोकस बड़े बिल्डर्स के साथ हो गया है। वे उन्हीं के हिसाब से नियम का हवाला देकर छोटे किसानों व डेवलपर्स का उत्पीड़न कर रहे हैं।
किसानों के प्रतिनिधियों ने निम्नलिखित दिक्कतों को दूर करने में सहयोग मांगा—
- जैसी प्लॉटिंग वीडीए कॉलोनाइज़र से कराना चाहती है, वैसी टाउनशिप आज तक क्यों नहीं डेवलप कर पाई?
- जो छोटे किसान हैं, उनकी जरूरत कैसे पूरी होगी?
- लैंड यूज एग्रीकल्चर है तो वह किसान कैसे अपनी जरूरत को पूरा करेगा और अपनी जमीन बेचेगा?
- जिस तरीके की टाउनशिप वीडीए चाहती है, अगर कॉलोनाइज़र डेवलप करता है तो उस रेट में सेल की गारंटी कौन लेगा?
- जो कॉलोनी डेवलप हो चुकी है, जिसमें मकान बन चुका है, क्या उन सारी कॉलोनियों को वीडीए तोड़ेगा?
- जोनल और प्रवर्तन दल द्वारा जो घूसखोरी चल रही है, उसे कैसे बंद किया जाएगा?
- चितईपुर में मेगा शॉप वाली बिल्डिंग सील हुई थी, उसे कैसे रिलीज़ कर दिया गया?
- संकटमोचन के पास एलेन वाली बिल्डिंग सील थी, वह कैसे शुरू हो गई?
- अगर वीडीए चाहती है कि सच में सुधार हो तो अपने ऑफिसर्स की फीडबैक ले, आम जनमानस से सारे जोनल, जे.ई. और टाउन प्लानर की जांच हो, पता चल जाएगा कितना भ्रष्टाचार है।
प्रतिनिधि से वार्ता करने के उपरांत महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि जल्द ही कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल वाराणसी विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कर किसानों व डेवलपर्स को राहत प्रदान करवाएगा।
