गोरखपुर
रामगढ़ ताल में मछलियों की मौत पर कांग्रेस का अल्टीमेटम, 21 जनवरी को उपवास का ऐलान
गोरखपुर। रामगढ़ ताल में लगातार हो रही मछलियों की मौत को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गोरखपुर मंडल आयुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। आयुक्त की अनुपस्थिति में ज्ञापन अपर आयुक्त जय प्रकाश को सौंपा गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा कि रामगढ़ ताल में लगातार मछलियों का मरना बेहद गंभीर और चिंताजनक है, जो साफ तौर पर ताल के प्रदूषण और प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। उन्होंने मांग की कि रामगढ़ ताल को प्रदूषित और बर्बाद करने वालों की तत्काल जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि ताल में लगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का संचालन सही ढंग से हो रहा है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उससे निकलने वाले शोधित पानी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच भी कराई जाए। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
विश्वविजय सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि रामगढ़ ताल गोरखपुर की अनमोल प्राकृतिक धरोहर है। इसका प्रदूषित होना न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे भूमिगत जलस्तर भी प्रभावित होगा, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों और महामारी का कारण बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस को बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने यह भी ऐलान किया कि रामगढ़ ताल को बचाने के लिए 21 जनवरी 2026 को ताल के किनारे एक दिवसीय उपवास किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, गैर-राजनीतिक संगठनों और सिविल सोसायटी से इस आंदोलन में शामिल होकर “धीरे-धीरे मर रहे तालाब” को बचाने की अपील की।
उन्होंने कहा— “ताल नहीं बचाओगे तो जश्न कहां मनाओगे।”
सोमवार के कार्यक्रम में महेंद्र मोहन उर्फ गुड्डू तिवारी, ओमेंद्र पांडेय, जितेंद्र विश्वकर्मा, दिलीप निषाद, देवेंद्र निषाद, अभय सिंह, अभिमन्यु विश्वकर्मा, राधेश्याम सिंह, ध्रुप गुप्ता, खेदन लाल यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहें।
